मथुरा-वृंदावन रेलमार्ग होगा विकसित: केंद्रीय परिवहन मंत्रालय कराएगा यह काम, सांसद हेमा मालिनी ने रखा प्रस्ताव
मथुरा की सांसद हेमा मालिनी के प्रस्ताव पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मास ट्रांजिट सिस्टम के तहत इस रेल लाइन के विकास पर सहमति जताई है। सांसद ने इस प्रस्ताव से रेल मंत्री को भी अवगत कराया है।
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मथुरा-वृंदावन के बीच रेल लाइन अब मास ट्रांजिट सिस्टम के तहत विकसित की जाएगी। रेल मंत्रालय की सहमति के बाद इस मार्ग को नया स्वरूप केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय प्रदान करेगा। इसके लिए मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात की।
मथुरा-वृंदावन के बीच करीब 13 किलोमीटर लंबी मीटर गेज रेल लाइन बिछी हुई है। वर्तमान में इस पर रेल बस का संचालन हो रहा है, जो सिर्फ सुबह-शाम दो चक्कर ही लगाती है। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से श्रीकृष्ण जन्मस्थान के साथ पांच स्टेशनों को वृंदावन से जोड़ने वाली यह सेवा संचालन की दृष्टि से महज औपचारिकता पूरी कर रही है।
अतिक्रमण की चपेट में है रेलमार्ग
वर्तमान में यह रेलमार्ग अतिक्रमण की चपेट में है। इन्हीं स्थितियों को देखते हुए सांसद हेमा मालिनी ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र के साथ बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात की।
दोनों मंत्रियों को अवगत कराया कि मथुरा-वृंदावन के बीच रेलवे की 13 किलोमीटर लंबी और चौड़ाई में 22 मीटर आरओडब्ल्यू वाली 38.7 हेक्टेयर भूमि है। इस जमीन का उपयोग दोनों नगरों को जोड़ने के लिए बेहतर परिवहन के रूप में किया जा सकता है।
सांसद के आग्रह पर गडकरी ने मास ट्रांजिट सिस्टम के तहत इस रेल लाइन के विकास पर सहमति जताई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि इस पर आने वाला खर्च भी मंत्रालय करेगा। उक्त जमीन रेलवे को सड़क परिवहन को हस्तांतरित करनी होगी। इस पर सांसद ने रेल मंत्री से मुलाकात करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के प्रस्ताव से अवगत कराया।