{"_id":"6a66bf2f79aaa05b3709344a","slug":"yogi-adityanath-s-two-day-agra-visit-signals-strong-push-to-connect-with-party-workers-ahead-of-up-polls-2026-07-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: सीएम योगी ने बदली सियासी रणनीति, संगठन को दिया नया मंत्र; कार्यकर्ताओं से बढ़ाई नजदीकियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: सीएम योगी ने बदली सियासी रणनीति, संगठन को दिया नया मंत्र; कार्यकर्ताओं से बढ़ाई नजदीकियां
Mon, 27 Jul 2026 07:45 AM IST
Dhirendra Singh
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 27 Jul 2026 07:45 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिवसीय आगरा दौरे में पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से संवाद कर संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
विज्ञापन
मंच से सभा को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो दिवसीय दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। अपने करीब साढ़े नौ साल के कार्यकाल में पहली बार दो दिन आगरा में रहकर मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और आम लोगों के बीच अपनी पकड़ को और मजबूत करने का प्रयास किया। जनप्रतिनिधियों से लेकर छोटे कार्यकर्ताओं, सामाजिक व कारोबारी संगठनों से खुलकर मुलाकात कर तस्वीरें भी खिंचवाईं। साथ ही अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की अपील भी की।
विज्ञापन
दरअसल, पिछले दौरों में सीएम योगी समीक्षा और जनप्रतिनिधियों संग बैठकें तो करते थे लेकिन पार्टी कार्यकर्ता व सामाजिक लोगों से दूरी बनी रहती थी। अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में उनका इस बार का दौरान राजनीतिक दृष्टि से केवल विकास परियोजनाओं के लोकार्पण तक सीमित नहीं था, बल्कि संगठन और सत्ता के बीच समन्वय की एक बड़ी कवायद थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अहिल्याबाई होल्कर जयंती कार्यक्रम में शामिल न हो पाने की भरपाई करते हुए मुख्यमंत्री ने रैली के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को विशेष रूप से बधाई दी, जिससे राजनीतिक संतुलन का बड़ा संदेश गया। वहीं, मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की एक अलग ही कार्यशैली देखने को मिली। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री बघेल व अपने कैबिनेट मंत्रियों योगेंद्र उपाध्याय, बेबी रानी मौर्य और धर्मवीर प्रजापति को बोलने से रोकते हुए सांसदों और विधायकों की बात सुनी। उन्होंने हर जनप्रतिनिधि को अपने क्षेत्र की मांगें और समस्याएं सामने रखने का पूरा मौका दिया। दूरी रखने की चर्चाओं को दूर करने के लिए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर कारोबारियों तक के साथ खूब तस्वीरें भी खिंचवाईं।
हर बैठक और संवाद में सीएम का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि कार्यकर्ता और प्रतिनिधि केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित न रहें, बल्कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। दौरे के दौरान आम लोगों से सीधा संवाद साधकर सीएम ने कार्यकर्ताओं से दूरी और अफसरों से घिरे सीएम वाली छवि को तोड़ने का सीधा प्रयास किया। इस पहल से न केवल आमजन में एक सकारात्मक संदेश गया, बल्कि धरातल पर काम कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ा।