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यमुना में डूबे दो बच्चों की जारी तलाश: नदी का तेज बहाव बना रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा, परिजनों की बढ़ रही चिंता
Sat, 15 Aug 2026 05:00 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 15 Aug 2026 05:00 PM IST
सार
आगरा में यमुना में नदी में डूबे दो बच्चों का 23 घंटे बाद भी सुराग नहीं लग सका है। गोताखोर बच्चों की तलाश में जुटे हैं। नदी का तेज बहाव में रेस्क्यू ऑपरेशन में खलल बन रहा है।
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यमुना में डूबे दो बच्चे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के गांव पिन्नापुरा में शुक्रवार शाम यमुना नदी में डूबे किशोर-किशोरी का शनिवार दोपहर तक करीब 23 घंटे बाद भी सुराग नहीं लग सका। शनिवार सुबह करीब 10 बजे से पीएसी के गोताखोरों और स्थानीय गोताखोरों ने स्टीमर के माध्यम से यमुना में करीब तीन किलोमीटर तक बच्चों की तलाश की, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। बच्चों के परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
पिन्नापुरा निवासी किशनलाल का 11 वर्षीय पुत्र प्रिंस और ताराचंद की 14 वर्षीय पुत्री रूमा शुक्रवार शाम करीब चार बजे गांव की लक्ष्मी, तनु और सपना के साथ जंगल में बकरी चराने गए थे। इसी दौरान प्रिंस और रूमा यमुना नदी में नहाने लगे। तेज बहाव के कारण दोनों डूबने लगे। उन्हें बचाने के प्रयास में लक्ष्मी, तनु और सपना भी नदी में उतर गईं, लेकिन तेज बहाव के कारण तीनों भी डूबने लगीं।
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पिन्नापुरा निवासी किशनलाल का 11 वर्षीय पुत्र प्रिंस और ताराचंद की 14 वर्षीय पुत्री रूमा शुक्रवार शाम करीब चार बजे गांव की लक्ष्मी, तनु और सपना के साथ जंगल में बकरी चराने गए थे। इसी दौरान प्रिंस और रूमा यमुना नदी में नहाने लगे। तेज बहाव के कारण दोनों डूबने लगे। उन्हें बचाने के प्रयास में लक्ष्मी, तनु और सपना भी नदी में उतर गईं, लेकिन तेज बहाव के कारण तीनों भी डूबने लगीं।
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किसी तरह तीनों किशोरियां बाहर निकल आईं, जबकि प्रिंस और रूमा नदी के तेज बहाव में डूब गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों ने देर शाम तक नदी में बच्चों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।
शनिवार सुबह करीब 10 बजे पीएसी के गोताखोरों की टीम स्टीमर लेकर मौके पर पहुंची और नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया। गोताखोरों ने घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर तक नदी में तलाश की, लेकिन तेज बहाव के चलते अभी तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान जब भी पीएसी का स्टीमर तलाश के बाद वापस लौटता है तो घटनास्थल पर मौजूद परिजन और ग्रामीणों की निगाहें उसकी ओर टिक जाती हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि शायद बच्चों का पता चल गया हो, लेकिन हर बार मायूसी हाथ लगती है। घटना स्थल पर पुलिस, ग्रामीण और परिजन बड़ी संख्या में मौजूद हैं। करीब 23 घंटे बाद भी दोनों बच्चों का पता नहीं चलने से परिजन की चिंता बढ़ती जा रही है। पीएसी और स्थानीय गोताखोरों द्वारा लगातार तलाश की जा रही है।
शनिवार सुबह करीब 10 बजे पीएसी के गोताखोरों की टीम स्टीमर लेकर मौके पर पहुंची और नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया। गोताखोरों ने घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर तक नदी में तलाश की, लेकिन तेज बहाव के चलते अभी तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान जब भी पीएसी का स्टीमर तलाश के बाद वापस लौटता है तो घटनास्थल पर मौजूद परिजन और ग्रामीणों की निगाहें उसकी ओर टिक जाती हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि शायद बच्चों का पता चल गया हो, लेकिन हर बार मायूसी हाथ लगती है। घटना स्थल पर पुलिस, ग्रामीण और परिजन बड़ी संख्या में मौजूद हैं। करीब 23 घंटे बाद भी दोनों बच्चों का पता नहीं चलने से परिजन की चिंता बढ़ती जा रही है। पीएसी और स्थानीय गोताखोरों द्वारा लगातार तलाश की जा रही है।