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Aligarh News: महज 25 ई-बसों के भरोसे 20 लाख की आबादी, मुश्किल हो रहा सफर
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ई-बसें।
- फोटो : samvad
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अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध के चलते रही तेल आपूर्ति पर बढ़ रही वैश्वििक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन में सफर करने की अपील है, लेकिन शहर में हालात यह है कि यहां यह सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। करीब 20 लाख की आबादी के लिए 25 ई-बसें उपलब्ध हैं, वह भी एक ही रूट पर सुबह आठ बजे से शाम सात बजे तक चलती हैं। रात में वह भी बंद हो जाती हैं।
कुछ समय पहले तक सारसाैल से लेकर दुबे का पड़ाव, रामघाट रोड, क्वार्सी व हरदुआगंज तक, सारसाैल से महेशपुर फाटक तक, खेरेश्वर चाैराहा से पनैठी और सारसाैल से सासनीगेट तक ई- बसों का संचालन किया जा रहा था।
अब सारसौल से पनैठी तक के रूट को ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है इसी पर ई-बसें चल रही हैं। अन्य रूट पर बसें बंद कर दी गई है।नगर निगम ने शासन से कुछ और नई ई- बसें उपलब्ध कराने की मांग की है, लेकिन यह मांग कब तक पूरी होगी इसका पता निगम अधिकारियों को भी नहीं है।
हाल यह है कि तालानगरी में तमाम औद्योगिक इकाइयां हैं और इनमें दिन और रात की पाली में श्रमिक काम करने आते जाते हैं, दिन में तो ऑटो या ई-रिक्शा मिल जाते हैं, लेकिन रात में समस्या आती है। इसके अलावा शहर के अन्य प्रमुख मार्गों आगरा, खैर और अनूपशहर रोड पर भी सार्वजनिक परिवहन की कोई सुविधा मौजूद नहीं है।
सूर्य विहार निवासी बलराम ने बताया कि वह रात में ट्रेन से स्टेशन पर उतरते हैं, घर पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। रावण टीला के कमल कुमार की भी यही समस्या है। वह बताते हैं कि रात में कोई ऑटो मिलता भी है तो वह दोगुना किराया मांगता है। धनश्यामपुरी निवासी अमित कुमार का कहना है कि छोटे बच्चों के साथ कहीं जाना हो तो समस्या आती है। सभी मार्गों पर ई-बसंे चलनी चाहिए।
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कुछ समय पहले तक सारसाैल से लेकर दुबे का पड़ाव, रामघाट रोड, क्वार्सी व हरदुआगंज तक, सारसाैल से महेशपुर फाटक तक, खेरेश्वर चाैराहा से पनैठी और सारसाैल से सासनीगेट तक ई- बसों का संचालन किया जा रहा था।
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अब सारसौल से पनैठी तक के रूट को ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है इसी पर ई-बसें चल रही हैं। अन्य रूट पर बसें बंद कर दी गई है।नगर निगम ने शासन से कुछ और नई ई- बसें उपलब्ध कराने की मांग की है, लेकिन यह मांग कब तक पूरी होगी इसका पता निगम अधिकारियों को भी नहीं है।
हाल यह है कि तालानगरी में तमाम औद्योगिक इकाइयां हैं और इनमें दिन और रात की पाली में श्रमिक काम करने आते जाते हैं, दिन में तो ऑटो या ई-रिक्शा मिल जाते हैं, लेकिन रात में समस्या आती है। इसके अलावा शहर के अन्य प्रमुख मार्गों आगरा, खैर और अनूपशहर रोड पर भी सार्वजनिक परिवहन की कोई सुविधा मौजूद नहीं है।
सूर्य विहार निवासी बलराम ने बताया कि वह रात में ट्रेन से स्टेशन पर उतरते हैं, घर पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। रावण टीला के कमल कुमार की भी यही समस्या है। वह बताते हैं कि रात में कोई ऑटो मिलता भी है तो वह दोगुना किराया मांगता है। धनश्यामपुरी निवासी अमित कुमार का कहना है कि छोटे बच्चों के साथ कहीं जाना हो तो समस्या आती है। सभी मार्गों पर ई-बसंे चलनी चाहिए।