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Medicine: देशभर में एक जैसे नियम से बनेगी दवा, पूरा डोजियर देने पर ही मिलेगा लाइसेंस, देनी होगी पूरी जानकारी
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:29 AM IST
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सार
अब तक अलग-अलग राज्यों में दवा लाइसेंस देने की प्रक्रिया और मानक अलग-अलग रहे हैं, जिससे गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पिछले वर्ष मध्य प्रदेश में कफ सिरप की वजह से बच्चों की मौत के मामले में तमिलनाडु की एक फार्मा कंपनी और राज्य स्तरीय विभाग के जरिए नियमों के खिलाफ जाकर लाइसेंस देने का मामला सामने आया।
दवाएं
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
घटिया दवाओं पर रोक और राज्यों की मनमानी खत्म करने के लिए अब पूरे देश में एक जैसे नियम से दवाएं बेनेंगी। दवा उत्पादन का लाइसेंस लेने के लिए कंपनियों को एक ही बार में सभी दस्तावेजों का पूरा डोजियर देना होगा जिसमें दवा की जांच रिपोर्ट, गुणवत्ता, सुरक्षा, प्रभाव और उत्पादन से संबंधित जानकारी होगी। इस डोजियर का निरीक्षण करने के बाद ही स्थानीय स्तर पर औषधि नियंत्रक विभाग लाइसेंस देने या नहीं देने की सिफारिश करेगा।
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जानकारी मिली है कि उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी राज्य औषधि नियंत्रकों से केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने फार्मा कंपनियों को दवा उत्पादन लाइसेंस देने के लिए डोजियर आधारित प्रणाली लागू करने का आदेश दिया है। लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश एफडीए को प्राप्त इस आदेश के साथ प्रणाली को समझने के लिए नौ पेज का मार्गदर्शन दस्तावेज भी साझा किया है। इसकी पुष्टि करते हुए अलीगढ़ जिला औषधि नियंत्रक विभाग के एक अधिकारी ने यहां तक कहा कि इस व्यवस्था से अलीगढ़ से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक घटिया दवाओं की जांच प्रक्रिया अधिक सख्त और व्यवस्थित होगी। साथ ही, दवा कंपनियों की जवाबदेही भी तय होगी। हालांकि यह आदेश आयुष दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन पर लागू नहीं रहेगा।
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दरअसल, अब तक अलग-अलग राज्यों में दवा लाइसेंस देने की प्रक्रिया और मानक अलग-अलग रहे हैं, जिससे गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पिछले वर्ष मध्य प्रदेश में कफ सिरप की वजह से बच्चों की मौत के मामले में तमिलनाडु की एक फार्मा कंपनी और राज्य स्तरीय विभाग के जरिए नियमों के खिलाफ जाकर लाइसेंस देने का मामला सामने आया। राज्य स्तर पर कंपनियों को दवा लाइसेंस दिया जाता है जिसकी पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
डोजियर की जानकारी देंगे
जिला औषधि नियंत्रक विभाग के मुताबिक, मार्गदर्शन दस्तावेज में नई प्रणाली को स्थानीय स्तर पर लागू करने की बात कही है। इससे मानक से कम गुणवत्ता वाली दवाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित दवाएं मिल सकेंगी। स्थानीय दवा कंपनियों को दस्तावेज पूरे करने होंगे। डोजियर पूरे करने में औषधि विभाग की ओर से सहयोग भी किया जाएगा। अधूरी जानकारी पर लाइसेंस के लिए आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।