मनोज हत्याकांड : ऑडी में कौन-कौन था, पुलिस ने 100 से ज्यादा कैमरे खंगाले, एक भेजा जेल और अन्य की तलाश
गभाना क्षेत्र के नगरिया महरावल निवासी हलवाई मनोज सिंह 20 अक्तूबर की रात अपने कारीगर कन्हैया के साथ बाइक से सारसौल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ऑडी ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मनोज के सड़क पर गिरने के बाद ऑडी चालक ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी।
विस्तार
हलवाई मनोज सिंह हत्याकांड में पुलिस आरोपी विक्रांत को जेल भेज चुकी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की रात उसके साथ ऑडी में कौन-कौन था। इसके लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
परिजनों का दावा है कि ऑडी में विक्रांत के अलावा तीन अन्य लोग भी मौजूद थे। उन्होंने पुलिस के सामने इस संबंध में साक्ष्य होने की बात कहते हुए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अब इन दावों की पुष्टि करने के साथ यह भी पता लगा रही है कि घटना से पहले कार कहां-कहां गई और उसमें कौन लोग सवार हुए।
गभाना क्षेत्र के नगरिया महरावल निवासी हलवाई मनोज सिंह 20 अक्तूबर की रात अपने कारीगर कन्हैया के साथ बाइक से सारसौल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ऑडी ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मनोज के सड़क पर गिरने के बाद ऑडी चालक ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आक्रोश में ऑडी पर पथराव किया, लेकिन कार सवार वहां से भाग गए। पुलिस की जांच में पता चला कि जिस ऑडी से घटना हुई, वह पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह के नाम पर पंजीकृत है। मामले में उनके भतीजे विक्रांत को आरोपी बनाया गया और उसे जेल भेज दिया गया।
मोबाइल नंबरों से भी तलाश रही सुराग
पुलिस कॉल डिटेल और सर्विलांस की मदद से कुछ मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के जरिये ऑडी के रूट का पता लगाया जा रहा है, ताकि वारदात से पहले और बाद में कार में मौजूद लोगों की पहचान की जा सके। जांच में यह पहलू भी शामिल है कि घटना से पहले कार सवारों का किसी से विवाद हुआ था या नहीं और कथित विवाद की वजह क्या थी। सीओ धनंजय सिंह के अनुसार, कार में अन्य कौन लोग सवार थे, इसकी जांच की जा रही है।
जेल में तनाव में बताया जा रहा विक्रांत
जेल सूत्रों के मुताबिक, विक्रांत तनाव में है। नियमानुसार उसे 10 दिन तक क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। इसके बाद उसे सामान्य बैरक में स्थानांतरित किया जाएगा। शनिवार को उसके परिवार के सदस्य जेल में मुलाकात करने पहुंचे थे। दूसरी ओर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह का कहना है कि कार सवारों का किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ था। ऐसे में पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियों, कथित विवाद और कार में मौजूद बताए जा रहे अन्य तीन लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है।
घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों ने साधी चुप्पी
घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानदार भी खुलकर कुछ बोलने से बच रहे हैं। ऊदला मोड़ के पास शराब के ठेके के नजदीक स्थित दो दुकानों के संचालकों ने वारदात को लेकर चुप्पी साध रखी है। वहीं, हरि पर्ल गेस्ट हाउस के सामने के अधिकांश दुकानदारों का कहना है कि घटना के समय उनकी दुकानें बंद हो चुकी थीं।
कुछ दुकानदारों ने बताया कि वारदात गेस्ट हाउस के नजदीक ही हुई थी और इसी क्षेत्र का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ है। हरि पर्ल गेस्ट हाउस और ऊदला मोड़ के बीच करीब एक किमी की दूरी है। दोनों स्थानों के बीच घटनास्थल से लगभग 400 मीटर दूर सारसौल पुलिस चौकी भी है। इसके बावजूद आसपास के दुकानदारों की चुप्पी और घटना के समय की परिस्थितियां जांच के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं।
थाने पहुंचे मनोज के परिजन
शनिवार को मृतक मनोज के परिवार वाले थाना बन्ना देवी पहुंचे। चाचा के लड़के कल्याण ने बताया कि थाना पुलिस से तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी की। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे।