{"_id":"697a6d983d946f448208f93e","slug":"farmers-forced-to-sell-millet-at-cheap-prices-aligarh-news-c-2-1-hsr1006-895979-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: सस्ते भाव में बाजरा बेचने को मजबूर किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: सस्ते भाव में बाजरा बेचने को मजबूर किसान
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी में क्षेत्र के किसानों को अपना बाजरा करीब एक हजार रुपये कम दामों बेचना पड़ रहा है। यह किसान करीब दो माह से सरकारी क्रय केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे।
खाद एवं रसद विभाग के क्रय केंद्रों पर दो महीने पहले तक बाजरा का समर्थन मूल्य 2770 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन निर्धारित लक्ष्य पूरा होने के बाद प्रदेश में सभी क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया। खरीद बंद होने से पहले कई किसान दस-दस दिनों तक ट्रैक्टरों में बाजरा भरकर क्रय केंद्रों पर खड़े रहे। किसान नेताओं ने उनके समर्थन में प्रदर्शन किया, अधिकारियों को ज्ञापन तक सौंपा, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। अब किसानों को मजबूरन मंडी में 1820 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से अपना बाजरा बेचना पड़ रहा है। एेसे में किसानों को करीब एक हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।
- किसान भोला निवासी नगला जैत का कहना है कि सरकारी खरीद न होने के कारण में करीब 12 क्विंटल बाजार खैर मंडी के व्यापारी की दुकान पर लाया हूं। यहां सरकारी रेट से करीब 12 हजार रुपये कम में बिक्री हुई है।
- श्याम सुंदर निवासी गांव गंगेई का कहना है कि फरवरी में घर में शादी है। रुपये की जरूरत है। इस कारण बाजरा बेचने मंडी आया हूं, लेकिन यहां एक हजार रुपये कम रेट में खरीद हो रही है।
खाद्य एवं रसद विभाग के कांटों पर बाजरा की खरीद 31 दिसंबर तक ही होनी थी। अब विभाग द्वारा खरीद संभव नहीं है। - शिशिर कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी, खैर।
Trending Videos
खाद एवं रसद विभाग के क्रय केंद्रों पर दो महीने पहले तक बाजरा का समर्थन मूल्य 2770 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन निर्धारित लक्ष्य पूरा होने के बाद प्रदेश में सभी क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया। खरीद बंद होने से पहले कई किसान दस-दस दिनों तक ट्रैक्टरों में बाजरा भरकर क्रय केंद्रों पर खड़े रहे। किसान नेताओं ने उनके समर्थन में प्रदर्शन किया, अधिकारियों को ज्ञापन तक सौंपा, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। अब किसानों को मजबूरन मंडी में 1820 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से अपना बाजरा बेचना पड़ रहा है। एेसे में किसानों को करीब एक हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- किसान भोला निवासी नगला जैत का कहना है कि सरकारी खरीद न होने के कारण में करीब 12 क्विंटल बाजार खैर मंडी के व्यापारी की दुकान पर लाया हूं। यहां सरकारी रेट से करीब 12 हजार रुपये कम में बिक्री हुई है।
- श्याम सुंदर निवासी गांव गंगेई का कहना है कि फरवरी में घर में शादी है। रुपये की जरूरत है। इस कारण बाजरा बेचने मंडी आया हूं, लेकिन यहां एक हजार रुपये कम रेट में खरीद हो रही है।
खाद्य एवं रसद विभाग के कांटों पर बाजरा की खरीद 31 दिसंबर तक ही होनी थी। अब विभाग द्वारा खरीद संभव नहीं है। - शिशिर कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी, खैर।
