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सर्वोदय नगर फेज 2: 15 साल से बिजली-सड़क के लिए तरस रहे लोग, धूप खिली तो रोशनी, वरना मोमबत्ती का सहारा

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 30 Jan 2026 02:25 PM IST
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सार

सर्वोदय नगर फेज-2 में मजबूरी में लोगों ने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं, लेकिन इनसे अधिक क्षमता वाले उपकरण नहीं चल पाते। जिस दिन बादल छाए रहते हैं, उस दिन पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।

Electricity and road problems in Sarvodaya Nagar Phase 2, Aligarh
देवसैनी सर्वोदय नगर फेस 2 में लगे बिजली के खंभे - फोटो : संवाद
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विस्तार
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आलीगढ़ शहर के सर्वोदय नगर फेज-2 (वार्ड संख्या-24) के निवासी पिछले 15 वर्षों से अंधकार में जीवन जीने को मजबूर हैं। विडंबना यह है कि कॉलोनी में बिजली के खंभे तो खड़े हैं, लेकिन उन पर तार (लाइन) नहीं हैं। करीब 20 परिवारों के 150 लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी दफ्तरों की चौखट घिस रहे हैं।

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स्थानीय निवासी रूप किशोर शर्मा बताते हैं कि 15 साल पहले दिनेश शर्मा नामक कॉलोनाइजर ने यह बस्ती बसाई थी। उन्होंने बिजली की व्यवस्था का वादा किया था, लेकिन उनके असामयिक निधन के बाद सब कुछ ठप हो गया। अब बिजली निगम इस लाइन को बिछाने के लिए सात लाख रुपये का एस्टीमेट मांग रहा है। निवासियों का तर्क है कि जब वे सभी प्रकार के टैक्स भर रहे हैं, तो यह भारी-भरकम राशि वे क्यों दें।
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धूप खिली तो रोशनी, वरना मोमबत्ती का सहारा
मजबूरी में लोगों ने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं, लेकिन इनसे अधिक क्षमता वाले उपकरण नहीं चल पाते। जिस दिन बादल छाए रहते हैं, उस दिन पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। बच्चे मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ने को मजबूर हैं। सड़क न होने के कारण बारिश में पूरी कॉलोनी टापू बन जाती है और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
बिजली, जलभराव व कीचड़ की समस्या को बताते स्थानीय लोग

कई साल से बिजली अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हमारी फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल तक ही घूमती रहती है।- प्रेमवीर चौधरी
दिनेश शर्मा ने व्यवस्था का भरोसा दिया था, खंभे भी लगवाए थे। अब विभाग कहता है खुद पैसे जमा करो, हम आम लोग सात लाख रुपये कहां से लाएं।- गजेंद्र शर्मा
योजनाओं का ढिंढोरा पीटा जाता है, लेकिन शहर के बीच स्थित कॉलोनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।- देवेश भारद्वाज
सोलर पैनल से बस एक पंखा चलता और बल्ब जलता है। फ्रिज, कूलर और मिक्सी जैसे उपकरण हमारे लिए आज भी सपना हैं।- ऊषा शर्मा
रात में सुरक्षा का बड़ा खतरा रहता है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व घूमते हैं, बच्चों को बाहर निकालने में डर लगता है।- रजनी भारद्वाज
नगर निगम टैक्स तो पूरा लेता है, लेकिन जब सुविधा की बात आती है तो हाथ खड़े कर दिए जाते हैं। क्या हम शहर के नागरिक नहीं हैं।- मंजू
बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। घरों में पानी घुस जाता है।- मीनू कश्यप
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बिजली विभाग में एस्टीमेट पकड़ा दिया जाता है।- मोहिनी चौधरी
15 साल छोटा समय नहीं होता। हमारी पूरी एक पीढ़ी इस अंधेरे और कीचड़ में बड़ी हो गई है।- संतोष शर्मा
धूप न निकले तो फोन चार्ज करने तक के लाले पड़ जाते हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में हम मोमबत्ती युग में जी रहे हैं।- शिवानी
सर्वोदय नगर फेज-2 के लोग आए थे, उनको बताया गया कि दो प्रकार की योजनाएं हैं। एक सामूहिक और दूसरी व्यक्तिगत रूप से कनेक्शन लेने की। दोनों ही में शुल्क जमा कराने का प्रावधान है, लेकिन लोग चाहते हैं कि बिना किसी शुल्क के ही कनेक्शन हो तो यह स्थानीय स्तर पर विभाग के लिए संभव नहीं है।- पंकज तिवारी, अधिशासी अभियंता, नगर, बिजली निगम

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