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Aligarh News: 12 लाख की लूट में पूर्व चालक समेत पांच दबोचे, 4.29 लाख बरामद
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लूट के आरोपी।
- फोटो : samvad
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थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भुजपुरा में हार्डवेयर कारोबारी की फैक्टरी से हुई लूट का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस वारदात के मास्टरमाइंड और कारोबारी के पूर्व ड्राइवर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूट के 4.29 लाख रुपये, दो तमंचे और वारदात में इस्तेमाल लाल रंग की पल्सर बाइक बरामद की गई है। सभी गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास रहा है और उन पर कई मुकदमे दर्ज हैं।
गाैरतलब है कि 10 अगस्त को भुजपुरा बिजलीघर के पास मो. जाकिर की हार्डवेयर फैक्टरी पर बाइक सवार बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। शुरुआती जांच में पीड़ित कारोबारी ने अनुमानित तौर पर 12 लाख रुपये की लूट की बात कही थी, हालांकि एसपी सिटी आदित्य बंसल ने साफ किया कि पुलिस जांच के मुताबिक कुल 5.50 लाख रुपये की नकदी लूटी गई थी, क्योंकि कुछ भुगतानों के बाद वास्तविक रकम उतनी ही थी।
घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति तंग गलियां और भूल-भुलैया वाले मोड़ आदि को देखते हुए पुलिस को पहले दिन से ही शक था कि इस वारदात को किसी ऐसे शख्स ने अंजाम दिया है जो इन रास्तों से पूरी तरह वाकिफ है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया।
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पूर्व चालक निकला मास्टरमाइंड
जांच में खुलासा हुआ कि भुजपुरा इस्लामनगर मुल्लापड़ा निवासी सलमान एक महीने पहले ही मो. जाकिर की फैक्टरी से ड्राइवर की नौकरी छोड़कर गया था। नौकरी छोड़ने के बाद से ही वह इस वारदात की योजना बना रहा था। उसे कारोबारी के आने-जाने के समय और फैक्टरी की अंदरूनी गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। सलमान ने इस साजिश में अपने अन्य सहयोगियों धर्मेंद्र उर्फ बंटी, मिंटू, करन निवासी पला रोड और जवां के रामअवतार को भी शामिल कर लिया था। 10 अगस्त को घटना के वक्त बंटी, करन और रामअवतार फैक्टरी के अंदर घुसे थे, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सलमान और मिंटू बाहर गलियों के मोड़ों पर खड़े होकर रेकी कर रहे थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी ने लूटी गई रकम आपस में बराबर एक-एक लाख रुपये बांट ली थी, जिसमें से कुछ पैसे वे खर्च भी कर चुके हैं।
200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले
इस खुलासे तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे चेक किए। घटना वाले दिन फैक्टरी में काम कर रहे स्टाफ के मोबाइलों की डिटेल ली गई। सरगना सलमान के साथ उसके सहयोगियों के बीच हुई बातचीत और घटना वाले दिन की कॉल डिटेल ली गई। इसके बाद एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती गईं। लूुट की रकम को आरोपियों ने खाने पीने में खर्च कर दिया।
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गोवा जाने की थी योजना
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की योजना थी कि लूट की रकम को बांटने के बाद वह गोवा घूमने जाएंगे। इसके लिए योजना बनाई गई कि मामला कुछ ठंडा पड़ जाए इसके बाद चले जाएंगे। सरगना सलमान का मानना था कि इस तरह अचानक मोहल्ले से गायब होने पर शक हो सकता है। इससे पहले ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया।
मैं पुलिस द्वारा किए गए घटना के खुलासे से संतुष्ट हूं। मैंने यही कहा था कि रकम मिले या न मिले, कोई निर्दोष इस केस में नहीं फंसना चाहिए। पुलिस ने पूरा केस सही खोला है। जिसको ड्राइवर रखा था, तब यही सोचा था कि वह मोहल्ले का है। क्या पता था कि यह ऐसी घटना भी कर सकता है। - मो. जाकिर, कारोबारी
पुलिस ने लगातार केस पर काम किया। तकनीकी सहायता से लेकर अपने सूचना तंत्र की भी मदद ली। कोशिश थी कि घटना का सही और सटीक खुलासा किया जाए। - आदित्य बंसल, एसपी सिटी
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गाैरतलब है कि 10 अगस्त को भुजपुरा बिजलीघर के पास मो. जाकिर की हार्डवेयर फैक्टरी पर बाइक सवार बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। शुरुआती जांच में पीड़ित कारोबारी ने अनुमानित तौर पर 12 लाख रुपये की लूट की बात कही थी, हालांकि एसपी सिटी आदित्य बंसल ने साफ किया कि पुलिस जांच के मुताबिक कुल 5.50 लाख रुपये की नकदी लूटी गई थी, क्योंकि कुछ भुगतानों के बाद वास्तविक रकम उतनी ही थी।
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घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति तंग गलियां और भूल-भुलैया वाले मोड़ आदि को देखते हुए पुलिस को पहले दिन से ही शक था कि इस वारदात को किसी ऐसे शख्स ने अंजाम दिया है जो इन रास्तों से पूरी तरह वाकिफ है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया।
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पूर्व चालक निकला मास्टरमाइंड
जांच में खुलासा हुआ कि भुजपुरा इस्लामनगर मुल्लापड़ा निवासी सलमान एक महीने पहले ही मो. जाकिर की फैक्टरी से ड्राइवर की नौकरी छोड़कर गया था। नौकरी छोड़ने के बाद से ही वह इस वारदात की योजना बना रहा था। उसे कारोबारी के आने-जाने के समय और फैक्टरी की अंदरूनी गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। सलमान ने इस साजिश में अपने अन्य सहयोगियों धर्मेंद्र उर्फ बंटी, मिंटू, करन निवासी पला रोड और जवां के रामअवतार को भी शामिल कर लिया था। 10 अगस्त को घटना के वक्त बंटी, करन और रामअवतार फैक्टरी के अंदर घुसे थे, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सलमान और मिंटू बाहर गलियों के मोड़ों पर खड़े होकर रेकी कर रहे थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी ने लूटी गई रकम आपस में बराबर एक-एक लाख रुपये बांट ली थी, जिसमें से कुछ पैसे वे खर्च भी कर चुके हैं।
200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले
इस खुलासे तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे चेक किए। घटना वाले दिन फैक्टरी में काम कर रहे स्टाफ के मोबाइलों की डिटेल ली गई। सरगना सलमान के साथ उसके सहयोगियों के बीच हुई बातचीत और घटना वाले दिन की कॉल डिटेल ली गई। इसके बाद एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती गईं। लूुट की रकम को आरोपियों ने खाने पीने में खर्च कर दिया।
गोवा जाने की थी योजना
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की योजना थी कि लूट की रकम को बांटने के बाद वह गोवा घूमने जाएंगे। इसके लिए योजना बनाई गई कि मामला कुछ ठंडा पड़ जाए इसके बाद चले जाएंगे। सरगना सलमान का मानना था कि इस तरह अचानक मोहल्ले से गायब होने पर शक हो सकता है। इससे पहले ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया।
मैं पुलिस द्वारा किए गए घटना के खुलासे से संतुष्ट हूं। मैंने यही कहा था कि रकम मिले या न मिले, कोई निर्दोष इस केस में नहीं फंसना चाहिए। पुलिस ने पूरा केस सही खोला है। जिसको ड्राइवर रखा था, तब यही सोचा था कि वह मोहल्ले का है। क्या पता था कि यह ऐसी घटना भी कर सकता है। - मो. जाकिर, कारोबारी
पुलिस ने लगातार केस पर काम किया। तकनीकी सहायता से लेकर अपने सूचना तंत्र की भी मदद ली। कोशिश थी कि घटना का सही और सटीक खुलासा किया जाए। - आदित्य बंसल, एसपी सिटी