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Aligarh News: दुष्कर्म पीड़िता किशोरी के दोबारा अपहरण में पांच को आजीवन कारावास

Sat, 01 Aug 2026 03:08 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 03:08 AM IST
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Five sentenced to life imprisonment for the re-abduction of a teenage rape victim
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : Archive
जिले के विजयगढ़ क्षेत्र से जुड़े 21 साल पुराने चर्चित अपहरण मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) प्रतिभा सक्सेना की विशेष अदालत ने यह निर्णय दिया। इसमें 16 साल की किशोरी के अपहरण के पांच दोषियों ऊषा, अमर सिंह, लेखराज, सुरेश और बाबूलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि 21 साल बीत जाने के बाद भी किशोरी का आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
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विजयगढ़ के एक गांव निवासी पीड़ित ने अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। वारदात 28 सितंबर 2007 की शाम करीब पांच बजे की है। आरोप था कि गांव निवासी ऊषा पत्नी रामप्रेम और कुछ अन्य लोग हथियारों से लैस होकर पीड़ित के घर में घुस गए थे। आरोपियों में हाथरस के सासनी भोजगढ़ी निवासी अमर सिंह, लेखराज, सुरेश और बाबूलाल शामिल थे। उनके हाथ में तमंचे थे। उन्होंने पुराने एक मामले में गवाही बदलने और समझौता करने का दबाव बनाया। परिजनों के विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। वे जबरन दरवाजे पर लात मारकर घर में घुसे और किशोरी को उठाकर ले गए।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म को लेकर आरोपियों पर पहले भी एक मुकदमा दर्ज था। उस पुराने मामले में पीड़िता के अदालत में पेश न हो पाने से आरोपी बरी हो गए थे। इसी बात की रंजिश और पुरानी गवाही के विवाद को लेकर यह वारदात हुई। आरोपियों ने दोबारा किशोरी का अपहरण किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में ठोस साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के बयान पेश किए गए।
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विशेष न्यायाधीश ने पांचों आरोपियों ऊषा, अमर सिंह, लेखराज, सुरेश और बाबूलाल को दोषी करार दिया। इन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, मामले में एक अन्य आरोपी सतीश पांडे को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। इस कड़े फैसले से न्याय की आस लगाए बैठे पीड़ित परिवार को दो दशक बाद बड़ी राहत मिली है।
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