अलीगढ़: स्कूल में छात्र को करंट लगने पर प्रधानाध्यापिका निलंबित, विरोध में बच्चों ने विद्यालय पर जड़ा ताला
स्कूल में बच्चे को करंट लग गया। जांच के बाद प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया। निलंबन के आदेश के बाद जब प्रधानाध्यापिका चार्ज देने पहुंची, तो छात्रों ने उन्हें घेर लिया। छात्रों और ग्रामीणों ने निलंबन वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की। लगभग दो घंटे तक स्कूल में तालाबंदी रही।
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विस्तार
छर्रा में विकास खंड बिजौली के गांव रसैनी स्थित कंपोजिट विद्यालय में एक छात्र को करंट लगने से वह घायल हो गया। यह घटना 9 सितंबर को हुई थी। परिजनों की शिकायत पर बीएसए ने इंचार्ज प्रधानाध्यापिका स्मिता गुप्ता को 10 सितंबर को निलंबित कर दिया। इस निलंबन के विरोध में 11 सितंबर को स्कूली छात्रों और ग्रामीणों ने विद्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।
यह है मामला
9 सितंबरं को कक्षा दो का छात्र अनुज खेलते हुए एक बंद कमरे में चला गया। वहां बिजली के बोर्ड के स्विच को छूने से उसे करंट लग गया। घायल छात्र को परिजन उपचार के लिए ले गए। उन्होंने विद्यालय की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। शिकायत पर एबीएसए ने विद्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। उन्होंने अपनी आख्या बीएसए को सौंप दी। आख्या के आधार पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका स्मिता गुप्ता को 10 सितंबर को निलंबित कर दिया। निलंबन के आदेश के बाद 11 सितंबर को जब प्रधानाध्यापिका चार्ज देने पहुंची, तो छात्रों ने उन्हें घेर लिया। छात्रों और ग्रामीणों ने निलंबन वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की। लगभग दो घंटे तक स्कूल में तालाबंदी रही।
विरोध प्रदर्शन और शिकायत वापसी
तालाबंदी की सूचना पर एबीएसए मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ताला खुलवाया। एबीएसए ने बीएसए को आख्या देने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद ग्रामीण निलंबन के खिलाफ 2026-09-10 की दोपहर बीएसए कार्यालय के लिए रवाना हो गए। बाद में, करंट लगने से गुस्साए परिजनों ने अपनी शिकायत वापस ले ली। छात्र अनुज ने भी अपनी गलती स्वीकार की और अन्य छात्रों के साथ निलंबन का विरोध किया।
छात्रों और ग्रामीण यह बोले
कक्षा आठ की छात्रा नेहा ने बताया कि गलती छात्र की थी। अधिकारियों ने प्रधानाध्यापिका की बात नहीं सुनी और जांच करके चले गए। कक्षा चार की छात्रा कनिष्का ने बताया कि स्कूल का पीछे का कमरा बंद रहता है। अनुज खेलते हुए उस कमरे में चला गया था, जहां स्विच पकड़ने से उसे करंट लगा। गांव के संजय कुमार ने कहा कि प्रधानाध्यापिका की गलती होने पर ही निलंबन उचित होता। बिना गलती के निलंबन सही नहीं है। ग्रामीण सज्जन कुमार ने बताया कि प्रधानाध्यापिका के आने के बाद स्कूल में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अध्ययन कार्य में भी सुधार हुआ है, इसलिए उनका निलंबन उचित नहीं है।
प्रधानाध्यापिका यह बोलीं
प्रधानाध्यापिका स्मिता गुप्ता ने बताया कि स्कूल के पीछे एक कमरा है जो सामान्यतः बंद रहता है। 9 सितंबर को साफ-सफाई के लिए ही उसे खोला गया था। कक्षा दो का छात्र अनुज उसी कमरे में पहुंच गया। वहां लगी बल्ब के स्विच को छूने से वह करंट की चपेट में आया। उन्होंने जांच करने आए एबीएसए को इस बारे में बताया था।