{"_id":"69f7bbfcba8992d8110fedcd","slug":"heavy-rain-with-thunderstorms-expected-today-and-tomorrow-yellow-alert-issued-aligarh-news-c-2-gur1004-966191-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: आज और कल आंधी के साथ होगी तेज बारिश, यलो अलर्ट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: आज और कल आंधी के साथ होगी तेज बारिश, यलो अलर्ट जारी
विज्ञापन
रामघाट रोड पर तेज धूप में दुपट्ट ओढ़कर जातीं युवतियां।
- फोटो : samvad
विज्ञापन
सोमवार और मंगलवार को आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान में तापमान का पारा भी लुढ़केगा, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।
रविवार को तापमान अधिकतम 35.2 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच दिन तक बारिश की संभावना जताई जा रही है। सोमवार से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। यह सिलसिला 9 मई तक रहेगा। तापमान में गिरावट शनिवार की रात से शुरू हो गई थी। तेज हवाओं के साथ बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई थी, जिसका असर रविवार को भी दिखाई दिया।
4 मई को अधिकतम 34 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 5 मई को अधिकतम 32 व न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा। दोनों दिन यलो जोन में है। आंधी के साथ बारिश होगी। बिजली भी कड़केगी। 6 मई को अधिकतम 32 व न्यूनतम 23, 7 मई को अधिकतम 33 व न्यूनतम 23, 8 मई को अधिकतम 33 व न्यूनतम 23 और 9 मई को अधिकतम 34 व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा। मौसम के बदलाव से वैज्ञानिक भी हैरत में हैं। मई के पहले सप्ताह में जिस तरह बारिश के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। ऐसा मौसम में बदलाव पिछले वर्षों में नहीं देखने को मिला है। बहरहाल प्री मानसून से किसानों को फायदा पहुंचेगा।
बाजरा, मूंग, उड़द को फायदा
मई में बारिश होने से खेत में लगी फसलों को फायदा होगा। जखौता के किसान राजकुमार सिंह चौहान, कस्तली पला के किसान सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि बारिश से ढेंचा, बाजरा, मक्का, उड़द, मूंग की फसल में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, तेज हवाओं से मक्का की फसल को नुकसान हो सकता है, क्योंकि चार फीट लंबी हो गई है।
आंधी से आम और मक्का की फसल को नुकसान
मौसम विभाग ने चार और पांच मई को आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उद्यान विभाग के उप निदेशक बलजीत सिंह ने कहा कि आंधी से आम की फसल को नुकसान हो सकता है। पेड़ों पर आम के छोटे-छोटे फल आ गए हैं। आंधी से यह फल गिर सकते हैं।
मई में पारा गिरा रहा तो देर से आएगा मानसून : डॉ. अहमद
एएमयू के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अहमद मुज्तबा सिद्दीकी ने बताया कि मई में जिस तरह से पारा गिर रहा है, उससे मानसून देर में आएगा। उन्होंने कहा कि 9 मई तक अगर तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहता है, तो यह काफी अजीबो-गरीब है। इस तरह के तापमान में उथल-पुथल देखने को नहीं मिला है। यही तो जलवायु परिवर्तन है। 9 मई तक तापमान गिर जाना मानसून में स्थिरता पैदा करने की स्थिति है, क्याेंकि पूरी तरह मानसून आने के लिए उत्तरी भारत में लो प्रेशर होना जरूरी है।
Trending Videos
रविवार को तापमान अधिकतम 35.2 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच दिन तक बारिश की संभावना जताई जा रही है। सोमवार से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। यह सिलसिला 9 मई तक रहेगा। तापमान में गिरावट शनिवार की रात से शुरू हो गई थी। तेज हवाओं के साथ बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई थी, जिसका असर रविवार को भी दिखाई दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 मई को अधिकतम 34 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 5 मई को अधिकतम 32 व न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा। दोनों दिन यलो जोन में है। आंधी के साथ बारिश होगी। बिजली भी कड़केगी। 6 मई को अधिकतम 32 व न्यूनतम 23, 7 मई को अधिकतम 33 व न्यूनतम 23, 8 मई को अधिकतम 33 व न्यूनतम 23 और 9 मई को अधिकतम 34 व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा। मौसम के बदलाव से वैज्ञानिक भी हैरत में हैं। मई के पहले सप्ताह में जिस तरह बारिश के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। ऐसा मौसम में बदलाव पिछले वर्षों में नहीं देखने को मिला है। बहरहाल प्री मानसून से किसानों को फायदा पहुंचेगा।
बाजरा, मूंग, उड़द को फायदा
मई में बारिश होने से खेत में लगी फसलों को फायदा होगा। जखौता के किसान राजकुमार सिंह चौहान, कस्तली पला के किसान सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि बारिश से ढेंचा, बाजरा, मक्का, उड़द, मूंग की फसल में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, तेज हवाओं से मक्का की फसल को नुकसान हो सकता है, क्योंकि चार फीट लंबी हो गई है।
आंधी से आम और मक्का की फसल को नुकसान
मौसम विभाग ने चार और पांच मई को आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उद्यान विभाग के उप निदेशक बलजीत सिंह ने कहा कि आंधी से आम की फसल को नुकसान हो सकता है। पेड़ों पर आम के छोटे-छोटे फल आ गए हैं। आंधी से यह फल गिर सकते हैं।
मई में पारा गिरा रहा तो देर से आएगा मानसून : डॉ. अहमद
एएमयू के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अहमद मुज्तबा सिद्दीकी ने बताया कि मई में जिस तरह से पारा गिर रहा है, उससे मानसून देर में आएगा। उन्होंने कहा कि 9 मई तक अगर तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहता है, तो यह काफी अजीबो-गरीब है। इस तरह के तापमान में उथल-पुथल देखने को नहीं मिला है। यही तो जलवायु परिवर्तन है। 9 मई तक तापमान गिर जाना मानसून में स्थिरता पैदा करने की स्थिति है, क्याेंकि पूरी तरह मानसून आने के लिए उत्तरी भारत में लो प्रेशर होना जरूरी है।
