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Aligarh News: मोहसिन दिल्ली से गिरफ्तार, जमानत पर रिहा
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सिविल लाइन थाने में पुलिस की हिरासत में सपा छात्र सभा नेता मोहसिन मेवाती।
- फोटो : Videograb
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सपा छात्रसभा महानगर अध्यक्ष मोहसिन मेवाती को सोमवार रात दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ससुराल से गिरफ्तार कर लिया गया है। कलक्ट्रेट के बाहर 24 जुलाई को हुई झड़प के मामले में पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। मंगलवार सुबह तीन बजे मोहसिन को अलीगढ़ लाया गया। मंगलवार को ही उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। वहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
थाना सिविल लाइन के उप निरीक्षक विनोद कुमार की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 24 जुलाई को कलक्ट्रेट के बाहर जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस को आशंका थी कि प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास कर सकते हैं। इस पर पुलिस ने वहां सख्ती दिखाई। इस पर पुलिस और सपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने की कोशिश की तो उपद्रवी एक आरक्षी का पीछा करने लगे। बीच-बचाव करने आए थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह के साथ भी अभद्रता की गई। प्रदर्शनकारियों पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और सड़क जाम करने का गंभीर आरोप है।
इस मामले में पुलिस पहले ही दो सपा नेताओं गोपाल सैनी और बाबू सिंह धनगर को जेल भेज चुकी है। सपा के जिला उपाध्यक्ष जैकी ठाकुर ने अदालत में समर्पण याचिका दाखिल कर रखी है। पुलिस ने इस प्रकरण में कुल सात लोगों को नामजद किया है और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही मोहसिन समेत कई नामजद आरोपी भागे हुए थे। इनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी के बाद मोहसिन का मंगलवार दोपहर पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया।
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नौजवानों को जेल भेजना अनुचित : सलमान
पूर्व महापौर प्रत्याशी एवं बसपा नेता सलमान शाहिद ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना राजनीतिक दलों एवं किसी भी व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। गंभीर धाराएं लगाकर नौजवानों को जेल भेजना अनुचित है। उन्हें न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है। छात्र नेता मोहसिन को इंसाफ मिला है।
समर्थकों के साथ अंदरूनी गुटबाजी भी आई सामने
विधानसभा चुनाव 2027 के मुहाने पर खड़ी सपा में स्थानीय नेताओं की अंदरखाने गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। जौहर विश्वविद्यालय में कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करने वाले मोहसिन के मामले में मंगलवार को मेडिकल कराने के दौरान यह गुटबाजी सामने आ गई। मोहसिन के माता-पिता और समर्थकों ने पार्टी के महानगर अध्यक्ष समेत बड़े नेताओं पर साथ न देने का आरोप लगाया।
वहीं महानगर अध्यक्ष के समर्थकों ने इसका विरोध किया। इस पर अस्पताल परिसर में पार्टी के दोनों गुटों में जमकर बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। मोहसिन ने मामले की जानकारी छह अगस्त को दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाने की तैयारी कर ली है।
दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में पुलिस मोहसिन को लेकर मेडिकल परीक्षण कराने आई थी। जानकारी पर मोहसिन की मां मसर्रत जहां, पिता एडवोकेट मुहीउद्दीन खान के साथ पार्टी नेता और कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान मोहसिन के पिता, मां और उनके समर्थकों पार्टी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मोहसिन की मां ने कहा कि उनके बेटे ने पार्टी के लिए दिन-रात काम किया लेकिन जब पुलिस ने उसे अपना निशाना बनाया तो किसी नेता ने साथ नहीं दिया। बेटे और उसके समर्थकों के साथ भेदभाव किया गया। सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी ने उनके बेटे के समर्थकों को बसपाई बताकर किनारा कर लिया गया।
पिता ने कहा कि पुलिस ने मोहसिन के साथ मारपीट की है। यह बात अदालत के संज्ञान में भी दी गई है। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में सपा नेता मोहसिन के साथ नहीं खड़े हुए। हैरानी की बात है कि सुबह 10 बजे सपा का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिलता है और इसके एक घंटे बाद मोहसिन की पुलिस हिरासत में पिटाई की जाती है।
इस दौरान मोहसिन ने बताया कि उन्हें पुलिस ने 16 डंडे मारे हैं जिससे शरीर में पांच चोटें आई हैं। इसमें बाएं हाथ के अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी उनके साथ है लेकिन जिले और शहर के प्रमुख नेता उनके साथ नहीं हैं। इस प्रकरण को राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष रखेंगे। उनसे मिलने छह अगस्त को परिवार के साथ दिल्ली जाएंगे।
जब मोहसिन के माता-पिता और समर्थकों ने यह आरोप लगाए तो उस वक्त सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, जिला उपाध्यक्ष मनोज यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इस्हाक सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। इस बात पर दोनों गुटों के समर्थक आमने-सामने आ गए। जब तक पुलिस मोहसिन को लेकर चली नहीं गई दोनों गुट हंगामा करते रहे।
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सपा हर कार्यकर्ता के साथ खड़ी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मोहसिन की मुलाकात कराएंगे और पूरा प्रकरण बताएंगे। -लक्ष्मी धनगर, जिलाध्यक्ष सपा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में हंगामा करने वाले लोगों का सपा से कोई लेना-देना नहीं है। कुछ लोग साजिश के तहत हंगामा कर रहे थे। मोहसिन की मां को भी बरगलाया गया है।
-अब्दुल हमीद घोसी, महानगर अध्यक्ष, सपा।
मोहसिन की गिरफ्तारी से लेकर कोर्ट में पेशी तक की वीडियोग्राफी हुई है पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। परिजन की ओर से मारपीट के लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
-आदित्य बंसल, एसपी सिटी।
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थाना सिविल लाइन के उप निरीक्षक विनोद कुमार की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 24 जुलाई को कलक्ट्रेट के बाहर जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस को आशंका थी कि प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास कर सकते हैं। इस पर पुलिस ने वहां सख्ती दिखाई। इस पर पुलिस और सपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने की कोशिश की तो उपद्रवी एक आरक्षी का पीछा करने लगे। बीच-बचाव करने आए थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह के साथ भी अभद्रता की गई। प्रदर्शनकारियों पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और सड़क जाम करने का गंभीर आरोप है।
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इस मामले में पुलिस पहले ही दो सपा नेताओं गोपाल सैनी और बाबू सिंह धनगर को जेल भेज चुकी है। सपा के जिला उपाध्यक्ष जैकी ठाकुर ने अदालत में समर्पण याचिका दाखिल कर रखी है। पुलिस ने इस प्रकरण में कुल सात लोगों को नामजद किया है और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही मोहसिन समेत कई नामजद आरोपी भागे हुए थे। इनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी के बाद मोहसिन का मंगलवार दोपहर पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया।
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नौजवानों को जेल भेजना अनुचित : सलमान
पूर्व महापौर प्रत्याशी एवं बसपा नेता सलमान शाहिद ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना राजनीतिक दलों एवं किसी भी व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। गंभीर धाराएं लगाकर नौजवानों को जेल भेजना अनुचित है। उन्हें न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है। छात्र नेता मोहसिन को इंसाफ मिला है।
समर्थकों के साथ अंदरूनी गुटबाजी भी आई सामने
विधानसभा चुनाव 2027 के मुहाने पर खड़ी सपा में स्थानीय नेताओं की अंदरखाने गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। जौहर विश्वविद्यालय में कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करने वाले मोहसिन के मामले में मंगलवार को मेडिकल कराने के दौरान यह गुटबाजी सामने आ गई। मोहसिन के माता-पिता और समर्थकों ने पार्टी के महानगर अध्यक्ष समेत बड़े नेताओं पर साथ न देने का आरोप लगाया।
वहीं महानगर अध्यक्ष के समर्थकों ने इसका विरोध किया। इस पर अस्पताल परिसर में पार्टी के दोनों गुटों में जमकर बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। मोहसिन ने मामले की जानकारी छह अगस्त को दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाने की तैयारी कर ली है।
दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में पुलिस मोहसिन को लेकर मेडिकल परीक्षण कराने आई थी। जानकारी पर मोहसिन की मां मसर्रत जहां, पिता एडवोकेट मुहीउद्दीन खान के साथ पार्टी नेता और कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान मोहसिन के पिता, मां और उनके समर्थकों पार्टी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मोहसिन की मां ने कहा कि उनके बेटे ने पार्टी के लिए दिन-रात काम किया लेकिन जब पुलिस ने उसे अपना निशाना बनाया तो किसी नेता ने साथ नहीं दिया। बेटे और उसके समर्थकों के साथ भेदभाव किया गया। सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी ने उनके बेटे के समर्थकों को बसपाई बताकर किनारा कर लिया गया।
पिता ने कहा कि पुलिस ने मोहसिन के साथ मारपीट की है। यह बात अदालत के संज्ञान में भी दी गई है। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में सपा नेता मोहसिन के साथ नहीं खड़े हुए। हैरानी की बात है कि सुबह 10 बजे सपा का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिलता है और इसके एक घंटे बाद मोहसिन की पुलिस हिरासत में पिटाई की जाती है।
इस दौरान मोहसिन ने बताया कि उन्हें पुलिस ने 16 डंडे मारे हैं जिससे शरीर में पांच चोटें आई हैं। इसमें बाएं हाथ के अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी उनके साथ है लेकिन जिले और शहर के प्रमुख नेता उनके साथ नहीं हैं। इस प्रकरण को राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष रखेंगे। उनसे मिलने छह अगस्त को परिवार के साथ दिल्ली जाएंगे।
जब मोहसिन के माता-पिता और समर्थकों ने यह आरोप लगाए तो उस वक्त सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, जिला उपाध्यक्ष मनोज यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इस्हाक सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। इस बात पर दोनों गुटों के समर्थक आमने-सामने आ गए। जब तक पुलिस मोहसिन को लेकर चली नहीं गई दोनों गुट हंगामा करते रहे।
सपा हर कार्यकर्ता के साथ खड़ी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मोहसिन की मुलाकात कराएंगे और पूरा प्रकरण बताएंगे। -लक्ष्मी धनगर, जिलाध्यक्ष सपा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में हंगामा करने वाले लोगों का सपा से कोई लेना-देना नहीं है। कुछ लोग साजिश के तहत हंगामा कर रहे थे। मोहसिन की मां को भी बरगलाया गया है।
-अब्दुल हमीद घोसी, महानगर अध्यक्ष, सपा।
मोहसिन की गिरफ्तारी से लेकर कोर्ट में पेशी तक की वीडियोग्राफी हुई है पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। परिजन की ओर से मारपीट के लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
-आदित्य बंसल, एसपी सिटी।