बारिश का कहर: मंडियों पर पहुंचा धान भीगा, किसानों को करोड़ों का नुकसान, सपने हुए तरबतर
खैर में सोमवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से खैर कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। हरदुआगंज उप मंडी में हुई बारिश से खुले में रखा हजारों कुंतल धान भीग गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बावजूद धान को बचाने के कोई इंतजाम मंडी स्थल पर नहीं थे।
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सोमवार सुबह 6.30 बजे अलीगढ़ जनपद में काले बादल घिर आए और जमकर बारिश हुई। जनपद की धनीपुर, हरदुआगंज, छर्रा, अतरौली, इगलास, खैर और गभाना पर पहुंचा धान भीगने से खराब हो गया, बताया जा रहा है कि जिससे किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। जिनके धान अभी नहीं बिके, बारिश ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। किसानों के माथे पर चिंता की लहर साफ दिखी।
खैर मंडी का हाल
खैर में सोमवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से खैर कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। पूर्व मंडी अध्यक्ष हमबीर सिंह के अनुसार, इस नुकसान की अनुमानित लागत करीब 10 करोड़ रुपये है। बारिश के कारण खुले में रखे धान के भीगने से किसानों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
रविवार को मंडी में करीब 2.50 लाख धान के कट्टे पहुंचे थे। इनमें से सोमवार सुबह तक लगभग 10 फीसदी धान की उतराई और सौदे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। हमबीर सिंह ने भीगे धान में करीब 20 फीसदी तक नुकसान की आशंका जताई है। सोमवार सुबह मंडी में व्यापारी और पल्लेदार बोरों में भरे भीगे धान को संभालने में जुटे दिखाई दिए। सोमवार को मंडी का गेट बंद होने से कई किसान बाहर ही खड़े रह गए थे। उनका धान बारिश में पूरी तरह भीग गया, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ी। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भीगे धान की गुणवत्ता प्रभावित होने और उचित भाव नहीं मिलने की आशंका भी बनी हुई है।
मंडी तीन दिन बंद, बढ़ेगी परेशानी
सोमवार और मंगलवार को आधिकारिक अवकाश घोषित किया गया है। बुधवार को भी खैर कृषि उत्पादन मंडी समिति का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसे में लगातार तीन दिन मंडी बंद रहने से किसानों की परेशानी बढ़ेगी। उन्हें अपनी उपज बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। भीगे धान की गुणवत्ता पर असर से उचित दाम नहीं मिलेंगे।
खेतों में खड़ी फसलों पर भी संकट
बेमौसम बारिश का असर केवल मंडी में रखे धान तक सीमित नहीं है। क्षेत्र के खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान होने की आशंका है। इनमें धान, मक्का और बाजरा सहित अन्य फसलें शामिल हैं। किसानों को चिंता है कि बारिश जारी रही तो गुणवत्ता प्रभावित होगी। इससे तैयार फसलों की पैदावार पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
हरदुआगंज मंडी: बारिश से हजारों कुंतल धान भीगा, इंतजाम नाकाफी
सोमवार को हरदुआगंज उप मंडी में हुई बारिश से खुले में रखा हजारों कुंतल धान भीग गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बावजूद धान को बचाने के कोई इंतजाम मंडी स्थल पर नहीं थे। बारिश शुरू होते ही कुछ व्यापारी मजदूर लेकर मंडी पहुंचे। उन्होंने तिरपाल से धान को बचाने का प्रयास किया। कुछ व्यापारियों ने पड़ोसी दुकानदारों के बरामदे में बोरियां रखवाकर धान को भीगने से बचाने की कोशिश की। हालांकि, अधिकांश धान बारिश की बौछारों से भीगता रहा। किसानों के लिए राहत की बात यह रही कि भीगा हुआ धान उनसे पहले ही क्रय किया जा चुका था।
इगलास मंडी का हाल
बारिश से भीगे धान को सुखाते हुए इगलास मंडी में किसा देखे गए। श्योरा निवासी बबलू उपाध्याय ने बताया कि वह शनिवार को 60 कुंतल धान बेचने के लिए लेकर लाया था। बिक्री हो नहीं पाई। तिरपाल डाल रखी थी, फिर भी सुबह सात बजे धान भीग गया, जिसको अब किसान सुखा रहे हैं। लगभग पांच हजार बोरा धान खरीद के बाद लोडिंग न आने की स्थिति में भीग गया है। व्यापारियों का कहना है कि अब धान की पलटी कराने का काम करना पड़ेगा, जिसमें समय भी लगेगा।