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Aligarh News: आज से हड़ताल पर रहेंगे शहर के इन दो स्कूलों के वाहन चालक, चरमराएगी बच्चों की आवागमन व्यवस्था
Thu, 16 Jul 2026 01:32 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:32 PM IST
सार
बीते दिनों अलीगढ़ और आगरा में जर्जर स्कूली वाहनों के कारण दो मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस हादसे के बाद शासन के कड़े रुख को देखते हुए आरटीओ ने बिना मानकों के चल रहे वाहनों को सीज करना और उनके चालान काटना शुरू कर दिया। इसी सख्ती के विरोध में हड़ताल रखी जा रही है।
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स्कूल बस
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
जर्जर स्कूली वाहनों के खिलाफ संभागीय परिवहन कार्यालय की कार्रवाई के विरोध में अलीगढ़ शहर के दो बड़े स्कूलों के निजी वाहन चालकों ने हड़ताल का ऐलान किया है। अवर लेडी ऑफ फातिमा (ओएलएफ) और संत फिदेलिस स्कूल से जुड़े वाहन चालक आज और कल हड़ताल पर रहेंगे। इस फैसले से दोनों स्कूलों के सैकड़ों बच्चों और उनके अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
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बीते दिनों अलीगढ़ और आगरा में जर्जर स्कूली वाहनों के कारण दो मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस हादसे के बाद शासन के कड़े रुख को देखते हुए आरटीओ ने बिना मानकों के चल रहे वाहनों को सीज करना और उनके चालान काटना शुरू कर दिया। इसी सख्ती के विरोध में बुधवार को ओएलएफ स्कूल के सामने दर्जनों वाहन चालक इकट्ठा हुए और उन्होंने अपनी व्यावहारिक समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा।
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हड़ताल पर गए चालकों पुष्पेंद्र, शाहिद, मुरली सिंह, गुड्डू शाह और पंकज समेत कई अन्य का कहना है कि वे नियमों का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनकी कुछ व्यावहारिक मुश्किलें हैं। कई छोटे वाहन चालक आर्थिक रूप से कमजोर हैं। सभी सुरक्षा मानकों और कागजी औपचारिकताओं को तुरंत पूरा करना उनके बजट से बाहर है।
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चालकों का आरोप है कि आरटीओ बिना पर्याप्त समय दिए सीधे कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए दस्तावेज दुरुस्त करने के लिए कम से कम एक हफ्ते की मोहलत मांगी है। इस हड़ताल की वजह से बृहस्पतिवार और शुक्रवार को बच्चों को स्कूल भेजने और वापस घर लाने की पूरी जिम्मेदारी अभिभावकों के कंधों पर आ गई है।