UP : जेन-जी का मूड समझना हो तो प्रयागराज आइए..., यूं ही नहीं कहा जाता क्रांतिधरा
प्रयागराज एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में है। जिस धरती ने आजादी के आंदोलन को दिशा दी, वही अब जेनरेशन-जी (Gen Z) की राजनीतिक सोच और देश की भावी सियासत का नया केंद्र बन रही है। राजनीतिक दलों की नजर यहां के युवाओं पर है, जिससे प्रयागराज ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।
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प्रयागराज को यूं ही क्रांतिधरा नहीं कहा जाता है। आजादी की लड़ाई के नायकों झांसी की रानी, चंद्रशेखर आजाद से लेकर पीडी टंडन और जवाहर लाल नेहरू तक ने अंग्रेजों से मुक्ति की लड़ाई के बीज यहीं बोए और फिर आजादी की सुबह का आगाज यहीं बनी रणनीति से हुआ। अब जब देश की सियासत की दिशा तय करने के लिए जेनरेशन जेड यानी जेन-जी फ्रंट पर आ गई है तो उसके मूड को समझने के लिए सियासतदानों को प्रयागराज की पावन भूमि ही सुहाई है। इससे यहां के युवाओं के साथ पूरे प्रदेश की फिजा में गर्माहट है।
इसी का परिणाम है कि कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जेन-जी से सीधे बात करने के लिए आठ अगस्त को प्रयागराज के ऐतिहासिक केपी ग्राउंड में पहुंचने की योजना बनाई है। यद्यपि कार्यक्रम की मंजूरी को लेकर बुधवार को भी ऊहापोह की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष के साथ छात्र इकाई एनएसयूआई के बड़े पदाधिकारी हॉस्टल से लेकर डेलीगेसी तक खाक छानते रहे। उनके हाथों में पेपर लीक से संबंधित आंकड़े हैं तो नौकरियों में देरी के तमाम दस्तावेज। उनके पास राहुल का मिशन है तो सामने सत्ता का बड़ा लक्ष्य।
प्रयागराज में राहुल गांधी के जेन-जी से प्रस्तावित संवाद को नाम ‘छात्रों की गूंज’ दिया गया है। इससे कांग्रेसी जेनरेशन जेड और अल्फा दोनों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। रोचक तो यह है कि राहुल के प्रयागराज संवाद से दो दिन पहले ही बृहस्पतिवार को आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत मुंबई में जेन-जी, जेन-अल्फा पीढ़ी के युवाओं और किशोरों से सीधा संवाद करेंगे। वैसे तो संवाद में 2000 से कुछ ज्यादा युवा ही हॉल में मौजूद रहेंगे, लेकिन वर्चुअली पूरे देश के युवाओं से जोड़ने का प्रयास विविध आनुषांगिक संगठन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में सपा की युवा सांसद डिंपल यादव ने तो जंतर-मंतर पर जाकर नीट मामले में चले आंदोलन में भागीदारी की थी। बसपा ने यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ही प्रचार का चेहरा आकाश आनंद को बना दिया है, जो सबसे युवा नेता हैं। जेन-जी को लुभाने के लिए राहुल गांधी का प्रयागराज संवाद अनायास नहीं होने जा रहा है। यहां चार विश्वविद्यालय हैं। एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, एक लॉ यूनिवर्सिटी, एक राज्य विश्वविद्यालय और एक ओपन यूनिवर्सिटी है। केंद्रीय हिंदी विश्वविद्यालय,वर्धा का केंद्र है।
प्रयागराज शहर में हैं 20 लाख से अधिक छात्र
एक ट्रिपलआईटी, एक एमएनएनआईटी और आईईआरटी जैसे बड़े संस्थान हैं। साथ ही सिविल सर्विसेज, एसएससी, यूपीपीएससी की परीक्षाओं में बैठने वाले प्रतियोगी छात्रों की यहां बड़ी संख्या है। बिहार से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों के विद्यार्थी और प्रतियोगी छात्र यहां रहते हैं। इसलिए जब कोई पेपर लीक होता है, रिजल्ट लेट होता है या प्रश्नपत्र में गड़बड़ी होती है तो पहली आवाज यहीं से उठती है। यानी यहां सबसे जागरूक और सबसे बड़ी जेनरेशन जेड की आबादी है। नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर के बाद एक दिन में सबसे बड़ा प्रदर्शन यहीं हुआ था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने आंदोलनकारियों की बात मान ली थी।