Prayagraj News : गैस सिलिंडर के लिए मारामारी, बवाल बढ़ता देख बुलानी पड़ी पुलिस
गैस सिलिंडर को लेकर ग्राहक सुबह से ही कामकाज छोड़कर गैस एजेंसी या फिर उसके गोदाम पर खाली सिलिंडर लेकर पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी इंडेन की गैस एजेंसी पर यही नजारा देखने को मिला।
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गैस सिलिंडर को लेकर ग्राहक सुबह से ही कामकाज छोड़कर गैस एजेंसी या फिर उसके गोदाम पर खाली सिलिंडर लेकर पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी इंडेन की गैस एजेंसी पर यही नजारा देखने को मिला। बृहस्पतिवार को तो केवीआईसी कराने आए सैकड़़ों ग्राहक और एजेंसी के कर्मचारियों के बीच तकरार हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। कुछ देर के लिए गैस एजेंसी कार्यालय भी बंद कर दिया गया। इसके बाद एजेंसी का शटर उठा तो ग्राहकों की पहले जैसी भीड़ दोबारा जुट गई।
इंडेन की झूंसी गैस एजेंसी है। यहां से तकरीबन 40 हजार गैस उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। गैस एजेंसी का गोदाम लीलापुर रोड पर चकहरिहर वन में है। झूंसी गैस सर्विस से झूंसी के गांवों और आवासियों के काॅलोनियों के साथ हनुमानगंज, सैदाबाद, सहसों तक उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। बृहस्पतिवार की सुबह भी तकरीबन दस बजे जीटी रोड के किनारे स्थित गैस सर्विस के कार्यालय के बाहर भीड़ जुट गई।
इसके बाद हालात इस कदर खराब हुए कि गैस सर्विस के मुख्य दरवाजे ले लेकर भीतर तक ग्राहकों की भीड़ थी। तभी ग्राहकों और गैस सर्विस के कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई। बात बढ़ी तो लोग हंगामा करने लगे। इस पर कर्मचारियों ने कार्यालय का शटर नीचे गिरा दिया। साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर दिया। थोड़ी ही देर में पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस के पहुंचने पर किसी तरह लोग शांत हुए। तब जाकर दोबारा से गैस सर्विंस का शटर दोबारा उठाकर कामकाज शुरू किया गया। गैस एजेंसी के प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि बुकिंग के आधार पर ही ग्राहकों को गैस का वितरण किया जा रहा है। लोग बगैर बुकिंग के ही गैस सिलिंडर लेना चाहते हैं लेकिन यह संभव नहीं है।
रसोई गैस को लेकर पिछले तीन दिनों से लग रही लंबी कतार को देखकर तकरीबन 12 साल पहले वाला वक्त याद आने लगा है। उस वक्त गैस सिलिंडर को लेकर लोगों की सुबह से ही लाइन लगा करती थी। जिनके घर में विवाह है, उनका तो हाल बेहाल है।
गंगापार के झूंसी से लेकर हंडिया तक में रसोई गैस की आठ से बारह एजेंसियां हैं। पिछले सप्ताह तक स्थिति यह थी कि दिन में कई बार वेंडर बाइक और डिलीवरी वाहन से मोहल्लों में घूम घूमकर सिलिंडर की आपूर्ति कर रहे थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से सबकुछ बदल गया है।
तीन दिन से सुबह आ रहा हूं लेकिन सिलिंडर नहीं मिल रहा है। दूसरा सिलिंडर भी खत्म होने के कगार पर है। आज भी इंतजाम नहीं हुआ तो दूसरा विकल्प खोजना पड़ेगा। -धीरेंद्र कुमार, झूंसी
सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। बुक करने के लिए एजेंसी पर घंटों लाइन लगाकर खड़ा होने के बाद भी गैस नहीं मिल रहा है। -कमलेश मौर्य
18 मार्च को बहन की शादी है। शादी के लिए हलवाई ने आठ से दस सिलिंडर की जरूरत बताई है। गोदाम में एक सिलिंडर भी नहीं मिल रहा है। ऐसेे में यह चिंता सताए जा रही है कि आखिर बहन की शादी कैसे हो पाएगी। - अभय, कनिहार गांव
कुछ दिनों बाद ईद का त्योहार है। त्योहार में तरह-तरह के पकवान बनते हैं लेकिन गैस सिलिंडर नहीं मिला तो त्योहार की मिठास फीकी पड़ सकती है। - अदनान, झूंसी
गैस गोदाम पर इतनी लंबी कतार ने तकरीबन 12 साल पहले का वक्त याद दिला दिया, जब एक अदद सिलिंडर पाने के लिए सुबह से ही लाइन में खड़ा होना पड़ता था। गैस सिलिंडरों को लेकर संकट खत्म हो गया था तो घर से स्टोव और चूल्हा आदि भी हटा दिए गए।- रमेश कुमार, नई झूंसी