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High Court : हाईकोर्ट ने दालमंडी क्षेत्र में मकान ध्वस्तीकरण पर लगाई अंतरिम रोक, अंतिम निर्णय तक न हो कार्रवाई
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 20 Jun 2026 06:10 PM IST
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सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में मकान ध्वस्तीकरण मामले में स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम निर्णय होने तक संबंधित भवन पर किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में मकान ध्वस्तीकरण मामले में स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम निर्णय होने तक संबंधित भवन पर किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने अलीमुन निशा, जुल करनैन की अलग-अलग याचिका पर दिया है।
याचियों का मकान दालमंडी क्षेत्र में है। प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी। इसके खिलाफ याचियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें पर्याप्त अवसर दिए बिना तथा सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना भवन गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इससे उनके संपत्ति संबंधी अधिकार प्रभावित होंगे।
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सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि अभी तक नोटिस के आधार पर कोई भी अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया है। अंतिम आदेश से पहले ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि जब तक मामले में अंतिम आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक किसी प्रकार की बुलडोजर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचियों के खिलाफ कोई भी अंतिम आदेश पारित किया जाता है तो उसे दो सप्ताह तक प्रभावी नहीं माना जाएगा। इस अवधि में याची कानूनी प्रावधान अपनाने के लिए स्वतंत्र होंगे।