{"_id":"69d7af23b67113ce520bb94b","slug":"high-court-what-decision-has-been-taken-so-far-on-the-premature-release-of-the-cancer-patient-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court: कैंसर पीड़ित की समय पूर्व रिहाई पर अब तक क्या निर्णय लिया गया, हाईकोर्ट ने एसीएस गृह से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court: कैंसर पीड़ित की समय पूर्व रिहाई पर अब तक क्या निर्णय लिया गया, हाईकोर्ट ने एसीएस गृह से मांगा जवाब
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 09 Apr 2026 07:22 PM IST
विज्ञापन
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कैंसर पीडि़त कैदी की समय पूर्व रिहाई के मामले में ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई है। कहा है कि अपर मुख्य सचिव (गृह) 16 अप्रैल तक हलफनामा दाखिल कर बताएं कि इस पर अब तक क्या निर्णय लिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : Amar ujala
विज्ञापन
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कैंसर पीडि़त कैदी की समय पूर्व रिहाई के मामले में ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई है। कहा है कि अपर मुख्य सचिव (गृह) 16 अप्रैल तक हलफनामा दाखिल कर बताएं कि इस पर अब तक क्या निर्णय लिया गया।
Trending Videos
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने चेतावनी भी दी है कि अगली सुनवाई तक हलफनामा पेश नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा। जौनपुर निवासी याची बाबा यादव को 1982 की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। बाबा जीभ के कैंसर से पीड़ित है। इसी आधार पर उसने समय पूर्व रिहाई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर अपर मुख्य सचिव (गृह) को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताने का निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता की रिहाई पर अब तक क्या निर्णय लिया गया है। निर्धारित तिथि पर मामला पेश होने पर जब अदालत को पता चला कि शासन की ओर से कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है तो इसे गंभीरता से लिया।