Prayagraj : नागपुर से युवक का शव पहुंचने पर मचा कोहराम, ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव
उतरांव थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव निवासी नागेंद्र भारती (21) की नागपुर में जरीपटका थाने के लॉकअप में संदिग्ध दशा में मौत हो गई थी। उसके खिलाफ किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज था।
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उतरांव थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव निवासी नागेंद्र भारती (21) की नागपुर में जरीपटका थाने के लॉकअप में संदिग्ध दशा में मौत हो गई थी। उसके खिलाफ किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज था। नागपुर की पुलिस उसे गांव से पकड़कर ले गई थी। मौत के बाद उसका शव जब गांव पहुंचा तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने शव के साथ थाने का घेराव कर लिया और नारेबाजी करने लगे। हंडिया के सपा विधायक हाकिमलाल बिंद भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे। ग्रामीण किशोरी और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हैं।
मदारीपुर गांव के रहने वाले रामजी के पुत्र नागेंद्र कुमार भारती (21) की महाराष्ट्र के नागपुर सिटी के जरीपटका थाना के पुलिस लॉकअप में हुई संदिग्ध मौत को लेकर इलाके में आक्रोश फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह जैसे ही नागेंद्र का शव गांव पहुंचा, परिवारजनों के साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उतरांव थाने पहुंच गए और जमकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि इस मामले में लड़की के पिता, नाबालिग लड़की तथा उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
आक्रोशित लोगों का कहना है कि नगेंद्र की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। आक्रोश के बीच ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री सड़क फूलपुर–सैदाबाद मार्ग को भी जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
बीते 22 जनवरी को महाराष्ट्र पुलिस ने सूचना दी गई थी कि नागेंद्र कुमार ने जारी फटका थाने के लॉकअप में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। नाबालिग लड़की को भगाने के मामले में नागेंद्र वांछित था। महाराष्ट्र पुलिस नागेंद्र को उसके घर से नाबालिग लड़की के साथ बरामद कर नागपुर ले गई थी। बताया गया कि हिरासत में लिए जाने के चौथे दिन युवक का शव लॉकअप में फंदे से लटका मिला।
पुलिस हिरासत में युवक की मौत कई सवाल खड़े करती है। यदि युवक निर्दोष था तो उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाना चाहिए था। परिजनों ने मामले में महाराष्ट्र पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने उतरांव थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर गाड़ी तोड़ने और मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
