Prayagraj : तीन हत्याएं, कई सवाल.. शराब की बोतल, बिखरा सामान और खून से सने शव दे रहे अलग संकेत
Three Murder In Prayagraj : प्रयागराज के तिहरे हत्याकांड में पुलिस की शुरुआती जांच और घटनास्थल के हालात अलग-अलग कहानी बयां कर रहे हैं। कमरे से मिली शराब की बोतल, बिखरा सामान और खून से सने शव कई नए सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
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तिहरे हत्याकांड में पुलिस की शुरुआती जांच और घटनास्थल के हालात के बीच कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस आपसी विवाद के बाद हत्या की आशंका जता रही है। वहीं, कमरे की स्थिति किसी और कहानी की ओर इशारा कर रही है। घटनास्थल से शराब की बोतल मिली है। इससे आशंका है कि वारदात से पहले कमरे में शराब पार्टी हुई थी।
सवाल यह है कि अगर कमरे में शराब पीने के दौरान विवाद हुआ और तीनों की सिलिंडर से वारकर हत्या की गई तो पास के कमरों में रहने वाले किरायेदारों को भनक क्यों नहीं लगी? मकान की दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदारों ने चीख-पुकार या जोरदार आवाज सुनने से क्यों इन्कार किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के समय कमरे में कितने लोग मौजूद थे? क्या हत्या के बाद किसी ने घटनास्थल को व्यवस्थित करने या सबूत मिटाने की कोशिश की है? कमरे की हालत संकेत दे रही है कि वहां संघर्ष हुआ होगा। एसओजी भी मामले की पड़ताल में जुटी है। रेलवे स्टेशन के आसपास घूमने वाले लोगों को मृतकों की फोटो दिखाकर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की जांच सीसीटीवी पर भी टिकी
घटनास्थल वाली गली के ठीक सामने दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें मकान का हिस्सा कवर हो रहा है। पुलिस इन कैमरों की पिछले एक हफ्ते से रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। सोमवार रात मकान में कौन-कौन आया? वारदात के बाद कौन वहां से निकला?
बांग्लादेशी कनेक्शन भी तलाश रही पुलिस
मूक-बधिर दंपती और एक अन्य महिला की हत्या के मामले में पुलिस बांग्लादेशी कनेक्शन भी खंगाल रही है। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक दंपती की वास्तविक पहचान क्या थी? वे मूलरूप से कहां के रहने वाले थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, दंपती कबाड़ बीनने का काम करते थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उनका संबंध कहीं ऐसे लोगों से तो नहीं था, जिनकी पहचान संदिग्ध रही हो।
जनवरी 2026 में जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की आशंका को लेकर पुलिस ने कई इलाकों में सत्यापन अभियान चलाया था। लखनऊ से आई टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ धूमनगंज के हरवारा और करेली के मुर्गा दरबार इलाके की बस्तियों में छापा मारा था। इस दौरान पहचान पत्र मांगे जाने पर कुछ लोग मौके से भाग निकले थे।
उस समय जांच टीम ने आशंका जताई थी कि कुछ लोग अवैध रूप से रह रहे थे। इनमें कई लोग कबाड़ बीनने, कपड़ा बेचने, मजदूरी और अन्य छोटे-मोटे कामों से जुड़े पाए गए थे। पुलिस अब इस हत्याकांड में भी मृतकों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि संदिग्ध लोगों का कोई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।