Prayagraj News : अरबों के अनियोजित विकास में डूबीं गलियां, घरों में तैरने लगे कुर्सी-मेज
महाकुंभ के नाम पर अरबों रुपये से हुए विकास कार्यों की पोल दो दिन की बारिश ने खोल दी। शहर के कई इलाकों की गलियां डूबी हुई हैं। घरों में रखे कुर्सी-मेज पानी में उतरा रहे हैं। विकास के सभी दावे बह गए और अपने पीछे छोड़ गए मुसीबत, जिससे पूरा शहर घिरा है।
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महाकुंभ के नाम पर अरबों रुपये से हुए विकास कार्यों की पोल दो दिन की बारिश ने खोल दी। शहर के कई इलाकों की गलियां डूबी हुई हैं। घरों में रखे कुर्सी-मेज पानी में उतरा रहे हैं। विकास के सभी दावे बह गए और अपने पीछे छोड़ गए मुसीबत, जिससे पूरा शहर घिरा है। महाकुंभ से लेकर अब तक विकास कार्यों में इतनी बड़ी रकम प्रयागराज के इतिहास में पहली बार खर्च की गई। बारिश में पहली बार इतनी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा।
महाकुंभ के दौरान शहर के विकास में तकरीबन 7500 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इनमें शहरी विकास एवं निर्माण पर 5500 करोड़, सड़क चौड़ीकरण व आरओबी निर्माण पर 365 करोड़ और शहरी प्रबंधन पर 1636 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। दावा किया गया था कि इन योजनाओं से शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह से सुधर जाएगी। निचले इलाकों में जलभराव नहीं होगा। नाले-नालियां जाम नहीं होंगे।
महाकुंभ-2025 के बाद माघ मेला-2026 के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट आया और इसके साथ शुरू हुई करोड़ों रुपये की सीएम ग्रिड योजना। इसमें शहर के पॉश इलाकों में एक जॉर्जटाउन को भी शामिल किया। हालत यह है कि सीएम ग्रिड योजना के तहत बनाई गई सीसी रोड पानी में डूबी है। फुटपाथ का निर्माण आधा-अधूरा पड़ा है। फुटपाथ के बगल में ड्रेनेज के लिए बिछाई गई पाइप लाइन भी ध्वस्त हो गई।
सड़क चौड़ी की, जल निकासी की व्यवस्था नहीं
जॉर्जटाउन, लिडिल रोड, चंद्रशेखर आजाद पार्क के सामने हिंदू हॉस्टल चौराहे से इंडियन प्रेस चौराहे तक, बालसन चौराहे के आसपास व कई स्थानों पर सड़क तो चौड़ी कर दी गई लेकिन जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई। लापरवाही का आलम यह कि जिनकी निगरानी में शहर में विकास कार्य कराए गए, उनकी नजरें इन खामियों पर पड़ी ही नहीं।
हर साल शहरियों को होता है करोड़ों का नुकसान
बारिश में हर साल जलभराव के कारण शहरियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। उन्हीं के चुकाए टैक्स से कराए गए विकास कार्य उनके लिए मुसीबत बन जाते हैं। इस बार स्थिति ज्यादा बिगड़ गई है। गलियों और सड़कों पर जलभराव से कई दोपहिया व चारपहिया वाहनों के इंजन सीज हो गए। घरों में पानी घुसने से टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए। कुर्सी, मेज, सोफा व लकड़ी के अन्य सामान भी भीगकर खराब हो गए।
जहां-जहां जलभराव की समस्या है, वहां सुधार के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। इस पर विस्तृत रूप से काम करने और परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है। जल्द ही संबंधित विभागों के साथ बैठक कर खाका तैयार किया जाएगा। - डॉ. लोकेश एम. मंडलायुक्त