प्रयागराज : टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नियमावली पर फिर टकराव शुरू, इस बार आरपार की लड़ाई का एलान
उत्तर प्रदेश में टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नियमावली को लेकर विवाद फिर गहरा गया है। 19 दिन के आंदोलन के बाद अभ्यर्थियों ने पुरानी नियमावली लागू करने की मांग उठाई थी। अब 17,735 पदों के विज्ञापन में नई नियमावली के तहत आवेदन मांगे जाने पर प्रतियोगी छात्रों ने दोबारा विरोध शुरू कर दिया है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) की टीजीटी-पीजीटी भर्ती परीक्षा में पुरानी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी अड़े हुए हैं। पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन के बीच आयोग ने अभ्यर्थियों की मांगों को स्वीकार नहीं किया है। आयोग की ओर से 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में नई नियमावली के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग के इस रुख के चलते लाखों नौजवान और प्रतियोगी छात्र आवेदन करने से वंचित हो सकते हैं। अभ्यर्थी केवल एक बार पुरानी नियमावली लागू करने की मांग कर रहे हैं। पिछले दिनों लगातार 19 दिनों तक चले आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार की ओर से पुरानी नियमावली लागू करने का आश्वासन मिलने पर आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। लेकिन विज्ञापन जारी होने पर उसमें नई नियमावली के तहत अर्हता निर्धारित किए जाने से अभ्यर्थी फिर नाराज हो गए हैं। प्रतियोगी छात्र एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं।
आयोग ने जारी कर दिया है विज्ञापन
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अभ्यर्थियों के विरोध के बीच प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 17,735 पदों पर भर्ती के लिए शुक्रवार देर शाम विज्ञापन जारी कर दिया। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 24 अक्टूबर से आवेदन किए जा सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 23 नवंबर है। परीक्षा 23 और 24 दिसंबर को प्रस्तावित है।
दरअसल, प्रतियोगी छात्र पुरानी नियमावली के तहत परीक्षा कराए जाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने 19 दिनों तक आमरण अनशन भी किया था। दो दिन पहले ही शासन ने उन्हें राहत देते हुए टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए 30 जून 2027 तक का समय दिया था, लेकिन भर्ती परीक्षा नई नियमावली के तहत ही कराए जाने की तैयारी है।