UPPSC : कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन की तैयारी में आयोग, पारदर्शिता पर जोर
यूपी लोक सेवा आयोग आगामी परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटल तरीके कराने की तैयारी में है। इसके लिए निविदा की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है।
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यूपी लोक सेवा आयोग आगामी परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटल तरीके कराने की तैयारी में है। इसके लिए निविदा की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। आयोग की परीक्षा समिति की बैठक में व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल मूल्यांकन पर जोर दिया गया। एमएनएनआईटी के प्रो. एके सिंह के मुताबिक, कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए मजबूत तकनीकी ढांचा, प्रशिक्षित परीक्षक, उच्च गुणवत्ता वाली स्कैनिंग और साइबर सुरक्षा की जरूरत होती है। इससे मूल्यांकन में आने वाली चुनौतियों से निजात मिलेगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पहले ही एक प्रभावी डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की नींव रखी थी। देश में कई संस्थान इसे अपना रहे हैं। आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्षदेव पांडेय के अनुसार, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू होने से आयोग समय पर परिणाम जारी कर पाएगा।
आयोग की ओर से आयोजित कराई जाने वालीं आगामी परीक्षाएं
प्रवक्ता राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय (स्क्रीनिंग) परीक्षा-2023, दो से छह नवंबर तक होनी है। वहीं, सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी मुख्य परीक्षा कंप्यूटर और प्रवक्ता जीआईसी मुख्य परीक्षा अगस्त में होगी। शोध सहायक अभियांत्रिकी परीक्षा, सहायक आचार्य राजकीय महाविद्यालय, पशु चिकित्सा अधिकारी और पीसीएस की परीक्षा छह दिसंबर को तय की गई है।
डिजिटल मूल्यांकन से समय की बचत
डिजिटल मूल्यांकन से समय की बचत होगी। यह प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष मानी जा रही है। उत्तर पुस्तिका में अंक जोड़ने या बदलने की संभावना कम करती है। अंक जोड़ने की गलती लगभग खत्म होगी। प्रत्येक गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। कम समय में मूल्यांकन से परिणाम समय पर देना आसान होगा।
सर्वर मिलते ही डिजिटल मूल्यांकन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए तीन बार निविदा निकाली जा चुकी है और अब फिर से प्रक्रिया शुरू की गई है। - गिरिजेश कुमार त्यागी, सचिव यूपी लोक सेवा आयोग।