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Prayagraj News: जलभराव से मोर्चे के सारे इंतजाम ढेर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:30 AM IST
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Waterlogging wrecks all arrangements at the front.
शहर के नाले चोक और सीवर जाम हैं। ऐसे में जल निकासी का रास्ता खोजना अधिकारियों के लिए पहली बन गया है। तमाम तरह के टैक्स भरने के बाद भी लोग घरों में कैद हैं। वह पानी घटने के इंतजार में दिन-रात गुजार रहे हैं।
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शहर में विभिन्न चरणों और परियोजनाओं के तहत अब तक 1,400 किमी से अधिक की सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन यह किसी काम की नजर नहीं आ रही है। इसके अलावा मानसून से पहले नगर निगम ने 995 नाले-नालियों की सफाई का दावा किया है। फिर भी तीन दिन की बारिश में शहर टापू बन गया।
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इस बार हालात बदतर हो गए हैं। कुंभ और महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों के मद्देनजर शहर के पुराने और नए इलाकों में लगातार सीवर लाइन के विस्तार का काम किया गया, जिसमें हालिया योजनाओं के तहत 120 किमी और नई लाइनों का विस्तार प्रस्तावित है, मगर नगर निगम के 80 वार्डों में डाली गई पुरानी सीवर लाइन से लोगों को परेशानी हो रही है। आम दिनों में सीवर जाम रहते हैं, जिसकी वजह से सड़क व गलियों में सीवर का पानी बहता नजर आता है। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो गए हैं। नाले व सीवर का पानी निकलने के बजाय लोगों के घरों में घुस गया है।
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699 करोड़ रुपये की लागत से बिछी सीवर लाइन
नमामि गंगे और सीवरेज योजनाओं के तहत भारी धनराशि खर्च की गई है। यह कार्य कई चरणों में हुआ है। इनमें फेज ए, बी और सी जैसे प्रमुख चरण शामिल हैं। प्रत्येक में क्रमश: 288 करोड़ रुपये, 265 करोड़ रुपये और 146 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है।
कब-कब डाली गई सीवर लाइन
1. वर्ष 2010 में राजापुर, सोहबतियाबाग, अल्लापुर, दारागंज, करेली, शिवकुटी और सलोरी आदि मोहल्लों में सीवर लाइनें डाली गईं।
2. दिसंबर 2018 में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत सीवर नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया गया।
3. अन्य चरण (फेज-ए, बी और सी) में मुट्ठीगंज, दरियाबाद, चकिया, राजरूपपुर और टैगोर टाउन जैसे क्षेत्रों में कई सौ किमी लंबी लाइन डाली गई।


ये सीवर लाइन ध्वस्त हैं
जॉर्जटाउन, अल्लापुर, मुंडेरा, नैनी, रसूलाबाद घाट, अशोक नगर, राजापुर, चकिया, चौक हासिमपुर और करेली में भी सीवर ओवरफ्लो और चोक होने की समस्या बनी हुई है। कई इलाकों में सीवर लाइन का कनेक्शन तक नहीं हो पाया है।


जलभराव का कारण सीवर लाइन नहीं है। जहां-जहां सीवर लाइन डाली गई है, वह पूरी तरह से संचालित है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान कई प्रमुख नाले दब गए। इसकी वजह से जल निकासी का रास्ता मुश्किल हुआ है। - आशुतोष सिंह, अधिशासी अभियंता, गंगा प्रदूषण


सीवर लाइन चोक होने की वजह से पंपिंग स्टेशन तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सड़क चौड़ीकरण में नाले भी दब गए हैं। कई नालों पर अतिक्रमण है। पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। - साई तेजा, नगर आयुक्त
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