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Ambedkar Nagar News: निवेश के नाम पर 40 लाख की ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 31 Dec 2025 11:59 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले में एक बार फिर निवेश के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीण विकास संस्थान इंडिया निधि लिमिटेड के तीन अधिकारियों पर करीब 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इन ठगों ने ग्रामीणों को उनकी जमा राशि को छह साल में दोगुना करने का लालच देकर यह ठगी की। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने कार्यालय पर ताला लगाकर रफूचक्कर हो गए। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना अकबरपुर के मीरपुर शेखपुर निवासी राजमणि और अन्य ग्रामीणों के साथ हुई। राजमणि ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कोटवा महमदपुर के घनश्याम सक्सेना, भीटी के सुगौटी दामोदरपुर के परमदेव और बेवाना के कुर्चा गोरेलाल, जो खुद को ग्रामीण विकास संस्थान इंडिया निधि लिमिटेड के अधिकारी बताते थे, ने करीब तीन साल पहले उनसे संपर्क किया था। उन्होंने ग्रामीणों को बैंक से अधिक ब्याज और सुविधाओं का लालच दिया और कहा कि कंपनी में जमा धन छह साल में दोगुना हो जाएगा। कंपनी को रजिस्टर्ड बताते हुए उन्होंने पंजीकरण नंबर भी दिखाया और अन्य लोगों को कंपनी से जोड़ने पर अतिरिक्त कमीशन का भी वादा किया।
ऐसे हुई ठगी
प्रलोभन में आकर राजमणि ने हर माह तीन हजार रुपये जमा करना शुरू किया और अपने परिचितों व अन्य लोगों को भी कंपनी से जोड़ दिया। इस प्रकार, कुल मिलाकर करीब 40 लाख रुपये कंपनी में जमा हो गए। कंपनी की ओर से हर जमा राशि की रसीद भी दी जाती रही। करीब तीन साल तक नियमित रूप से पैसा जमा करने के बाद भी जब किसी को भी जमा की गई राशि वापस नहीं मिली, तो रग्घुर के सुनील कुमार और बस्ती जिले के परशुरामपुर के बसथनवा निवासी विजय कुमार के साथ मिलकर कार्यालय पहुंचे, तो वहां ताला बंद मिला।
न्यायालय के आदेश पर एफआईआर
27 जुलाई 2025 को सुबह कोतवाली अकबरपुर के सामने आरोपियों से रुपये मांगने पर उन्होंने गाली-गलौज की। इसके बाद, दो अगस्त को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया। न्यायालय के आदेश पर सीओ अकबरपुर के माध्यम से जांच कराई गई और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने फिर न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
दिसंबर माह में ठगी की अन्य घटनाएं
यह मामला अकेले नहीं है। दिसंबर माह में भी ठगी की कई बड़ी वारदातें सामने आई हैं। भीटी के चंदौका निवासी अक्षय कुमार यादव से नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख 87,999 रुपये की ठगी हुई। इब्राहिमपुर के वैभव कुमार वर्मा से ऑनलाइन निवेश के नाम पर 27 लाख 36,000 रुपये ठगे गए। अलीगंज के दिलशाद के खाते से पांच लाख 45 हजार रुपये उड़ा दिए गए, जबकि जलालपुर के मो. आलम से ट्रेडिंग में अच्छे मुनाफे का लालच देकर 9.70 लाख रुपये की ठगी हुई।
आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी
सीओ सिटी नीतीश कुमार तिवारी ने बताया कि निवेश के नाम पर ठगी के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। न्यायालय से जांच के आदेश मिलने पर रिपोर्ट तैयार कर दाखिल कर दी गई थी और आरोपियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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घटना अकबरपुर के मीरपुर शेखपुर निवासी राजमणि और अन्य ग्रामीणों के साथ हुई। राजमणि ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कोटवा महमदपुर के घनश्याम सक्सेना, भीटी के सुगौटी दामोदरपुर के परमदेव और बेवाना के कुर्चा गोरेलाल, जो खुद को ग्रामीण विकास संस्थान इंडिया निधि लिमिटेड के अधिकारी बताते थे, ने करीब तीन साल पहले उनसे संपर्क किया था। उन्होंने ग्रामीणों को बैंक से अधिक ब्याज और सुविधाओं का लालच दिया और कहा कि कंपनी में जमा धन छह साल में दोगुना हो जाएगा। कंपनी को रजिस्टर्ड बताते हुए उन्होंने पंजीकरण नंबर भी दिखाया और अन्य लोगों को कंपनी से जोड़ने पर अतिरिक्त कमीशन का भी वादा किया।
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ऐसे हुई ठगी
प्रलोभन में आकर राजमणि ने हर माह तीन हजार रुपये जमा करना शुरू किया और अपने परिचितों व अन्य लोगों को भी कंपनी से जोड़ दिया। इस प्रकार, कुल मिलाकर करीब 40 लाख रुपये कंपनी में जमा हो गए। कंपनी की ओर से हर जमा राशि की रसीद भी दी जाती रही। करीब तीन साल तक नियमित रूप से पैसा जमा करने के बाद भी जब किसी को भी जमा की गई राशि वापस नहीं मिली, तो रग्घुर के सुनील कुमार और बस्ती जिले के परशुरामपुर के बसथनवा निवासी विजय कुमार के साथ मिलकर कार्यालय पहुंचे, तो वहां ताला बंद मिला।
न्यायालय के आदेश पर एफआईआर
27 जुलाई 2025 को सुबह कोतवाली अकबरपुर के सामने आरोपियों से रुपये मांगने पर उन्होंने गाली-गलौज की। इसके बाद, दो अगस्त को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया। न्यायालय के आदेश पर सीओ अकबरपुर के माध्यम से जांच कराई गई और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने फिर न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
दिसंबर माह में ठगी की अन्य घटनाएं
यह मामला अकेले नहीं है। दिसंबर माह में भी ठगी की कई बड़ी वारदातें सामने आई हैं। भीटी के चंदौका निवासी अक्षय कुमार यादव से नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख 87,999 रुपये की ठगी हुई। इब्राहिमपुर के वैभव कुमार वर्मा से ऑनलाइन निवेश के नाम पर 27 लाख 36,000 रुपये ठगे गए। अलीगंज के दिलशाद के खाते से पांच लाख 45 हजार रुपये उड़ा दिए गए, जबकि जलालपुर के मो. आलम से ट्रेडिंग में अच्छे मुनाफे का लालच देकर 9.70 लाख रुपये की ठगी हुई।
आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी
सीओ सिटी नीतीश कुमार तिवारी ने बताया कि निवेश के नाम पर ठगी के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। न्यायालय से जांच के आदेश मिलने पर रिपोर्ट तैयार कर दाखिल कर दी गई थी और आरोपियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
