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Ambedkar Nagar News: नाै साल में विद्यालय की 10 करोड़ बढ़ी लागत
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 31 Dec 2025 11:59 PM IST
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कटेहरी के प्रतापपुर चमुर्खा में आश्रम पद्धति विद्यालय में निर्माणाधीन पानी की टंकी।
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प्रमन श्रीवास्तव
अंबेडकरनगर। विकास खंड कटेहरी के प्रतापपुर चमुर्खा में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण कार्य नौ वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो पाया है।
वर्ष 2016 में 24.69 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना की लागत अब बढ़कर 34.57 करोड़ रुपये हो गई है, जिसमें 10 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। शासन ने पुनरीक्षित लागत को मंजूरी देते हुए 7.66 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है, लेकिन अभी भी 32 प्रतिशत काम शेष है।
यह विद्यालय 490 बालिकाओं को आवासीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में स्वीकृत हुआ था। तब शासन ने इसके लिए पांच करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। कार्यदायी संस्था यूपी सिडको ने निर्माण कार्य शुरू कराया, लेकिन वर्ष 2019 तक इस परियोजना के लिए कोई नया बजट जारी नहीं हुआ। वर्ष 2019 में दो करोड़ और अक्तूबर 2020 में पुनः दो करोड़ रुपये मिले, जिससे निर्माण कार्य में कुछ तेजी आई। हालांकि, इसके बाद वर्ष 2022 तक फिर से बजट का इंतजार रहा।
21 दिसंबर 2022 को 5.22 करोड़ रुपये और हाल ही में अगस्त 2024 में पांच करोड़ रुपये इस परियोजना के लिए आवंटित किए गए। इस लंबी देरी के दौरान, कर (टैक्स) और निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी इजाफा हुआ।
इसके परिणामस्वरूप, यूपी सिडको को पुनरीक्षित आगणन तैयार करना पड़ा, जिसने परियोजना की लागत में लगभग 10 करोड़ रुपये की वृद्धि की।
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अंबेडकरनगर। विकास खंड कटेहरी के प्रतापपुर चमुर्खा में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण कार्य नौ वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो पाया है।
वर्ष 2016 में 24.69 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना की लागत अब बढ़कर 34.57 करोड़ रुपये हो गई है, जिसमें 10 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। शासन ने पुनरीक्षित लागत को मंजूरी देते हुए 7.66 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है, लेकिन अभी भी 32 प्रतिशत काम शेष है।
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यह विद्यालय 490 बालिकाओं को आवासीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में स्वीकृत हुआ था। तब शासन ने इसके लिए पांच करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। कार्यदायी संस्था यूपी सिडको ने निर्माण कार्य शुरू कराया, लेकिन वर्ष 2019 तक इस परियोजना के लिए कोई नया बजट जारी नहीं हुआ। वर्ष 2019 में दो करोड़ और अक्तूबर 2020 में पुनः दो करोड़ रुपये मिले, जिससे निर्माण कार्य में कुछ तेजी आई। हालांकि, इसके बाद वर्ष 2022 तक फिर से बजट का इंतजार रहा।
21 दिसंबर 2022 को 5.22 करोड़ रुपये और हाल ही में अगस्त 2024 में पांच करोड़ रुपये इस परियोजना के लिए आवंटित किए गए। इस लंबी देरी के दौरान, कर (टैक्स) और निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी इजाफा हुआ।
इसके परिणामस्वरूप, यूपी सिडको को पुनरीक्षित आगणन तैयार करना पड़ा, जिसने परियोजना की लागत में लगभग 10 करोड़ रुपये की वृद्धि की।
