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Ambedkar Nagar News: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने में एएनएम निलंबित
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अंबेडकरनगर। जिले में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। सीएचसी जहांगीरगंज के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरियांव में तैनात एएनएम रामरती देवी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर अंजनी कुमार को सेवा समाप्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
राजेसुल्तानपुर के घिन्हापुर गांव निवासी पंकज कुमार ने करीब 15 दिन पहले डीएम और सीएमओ को शिकायत पत्र दिया था। आरोप लगाया गया था कि स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारी गलत तरीके से जन्म प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के लिए एक से दो हजार रुपये तक की वसूली की जाती थी। इस संबंध में युवक ने पैसे मांगने का ऑडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने जांच की जिम्मेदारी डिप्टी सीएमओ डॉ. उदयचंद को सौंपी। जांच में अनियमितता की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए एएनएम को निलंबित किया गया। जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद विभाग ने उसे सेवा समाप्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। विभाग अब उन सभी जन्म प्रमाणपत्रों की जांच कर रहा है, जो संदिग्ध तरीके से बनाए गए हैं। फर्जी पाए जाने पर उन्हें निरस्त किया जाएगा।
जांच के बाद की गई कार्रवाई
एएनएम और कंप्यूटर ऑपरेटर पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के आरोप लगे थे। जांच के बाद एएनएम को निलंबित कर दिया गया है, जबकि ऑपरेटर को सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया गया है।
- डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ
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राजेसुल्तानपुर के घिन्हापुर गांव निवासी पंकज कुमार ने करीब 15 दिन पहले डीएम और सीएमओ को शिकायत पत्र दिया था। आरोप लगाया गया था कि स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारी गलत तरीके से जन्म प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के लिए एक से दो हजार रुपये तक की वसूली की जाती थी। इस संबंध में युवक ने पैसे मांगने का ऑडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने जांच की जिम्मेदारी डिप्टी सीएमओ डॉ. उदयचंद को सौंपी। जांच में अनियमितता की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए एएनएम को निलंबित किया गया। जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद विभाग ने उसे सेवा समाप्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। विभाग अब उन सभी जन्म प्रमाणपत्रों की जांच कर रहा है, जो संदिग्ध तरीके से बनाए गए हैं। फर्जी पाए जाने पर उन्हें निरस्त किया जाएगा।
जांच के बाद की गई कार्रवाई
एएनएम और कंप्यूटर ऑपरेटर पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के आरोप लगे थे। जांच के बाद एएनएम को निलंबित कर दिया गया है, जबकि ऑपरेटर को सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया गया है।
- डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ