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Ambedkar Nagar News: कैनविज कंपनी ने निवेश के नाम पर 182 से की ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:42 PM IST
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अंबेडकरनगर। कैनविज कंपनी के सरगना कन्हैया गुलाटी द्वारा विभिन्न फर्जी कंपनियां बनाकर देश के कई राज्यों में की गई 1200 करोड़ रुपये की ठगी का जाल अब अंबेडकरनगर तक फैल गया है। जिले के 182 लोगों को कम समय में धन दोगुना करने का लालच देकर उनसे लगभग दो करोड़ 60 लाख रुपये ठग लिए गए हैं। इस ठगी सिंडिकेट की नींव वर्ष 2007 में गोंडा के नवाबगंज निवासी सुरेंद्र कुमार और अयोध्या के रोशन लाल वर्मा ने रखी थी। जिले में ठगी का पहला शिकार इब्राहिमपुर के एनवां बाजार निवासी रवींद्र पटेल को बनाया गया, जिन्हें बाद में एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया गया।
जालसाजों ने लोगों को झांसे में लेने के लिए समय-समय पर अपनी रणनीतियां बदलीं। रवींद्र पटेल से 9,500 रुपये जमा कराए गए, जिसके बदले उन्हें एक कोट-पैंट और गोवा ट्रिप का वादा किया गया। लोगों का विश्वास जीतने के लिए अकबरपुर के एक होटल में लगातार सेमिनार आयोजित किए गए। इसके जरिए इल्तिफातगंज, एनटीपीसी, टांडा और बस्ती सहित कई क्षेत्रों के लोगों को जोड़ा गया।
पहले 9,500 रुपये की योजना चली, जिसे छह माह बाद बंद कर दिया गया। इसके बाद 18,000 रुपये की एफडी स्कीम आई, जिसमें ढाई साल में 64,000 रुपये देने का वादा था। इसे 2023 में बंद कर दिया गया। अंत में एफआईएनआई नाम से एक योजना शुरू की गई। इसमें 12,000 रुपये जमा करने और दो नए सदस्य जोड़ने पर 800 रुपये कमीशन व 24 माह तक दो हजार रुपये देने का दावा किया गया। कुछ समय तक भुगतान करने के बाद यह स्कीम भी बंद कर दी गई।
अकेले रवींद्र पटेल और उनकी टीम के 32 लोगों से जालसाजों ने 71 लाख रुपये निवेश कराकर हड़प लिए। सीओ भीटी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि शिकायतकर्ताओं से दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पूरे जिले में फैला था नेटवर्क
कैनविज कंपनी की ठगी का शिकार केवल टांडा और भीटी के लोग ही नहीं हुए हैं, बल्कि अकबरपुर, आलापुर, जहांगीरगंज और राजेसुल्तानपुर के भी बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए हैं। जालसाजों ने इन क्षेत्रों में निवेश के नाम पर धन दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं।
इन जालसाजों पर दर्ज हुई है एफआईआर
ठगी की रकम वापस पाने के निरंतर प्रयासों में विफल रहने के बाद एनवां निवासी रवींद्र पटेल ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर से शिकायत की थी। एसपी के निर्देश पर जांच सीओ भीटी को सौंपी गई। जांच में आरोप सही मिलने पर बुधवार को भीटी थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। नामजद आरोपियों में मुख्य रूप से बरेली जिले के बारादरी थाना अंतर्गत शाहदाना स्टेडियम रोड निवासी कन्हैया गुलाटी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी, पुत्र गोपाल गुलाटी, साले आशीष महाजन व उसकी पत्नी किमी महाजन शामिल हैं। इसके साथ ही अयोध्या के भीटी का पुरवा दर्शननगर निवासी और गोंडा के नवाबगंज अशोकपुर निवासी कृष्ण कुमार वर्मा के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई है।
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जालसाजों ने लोगों को झांसे में लेने के लिए समय-समय पर अपनी रणनीतियां बदलीं। रवींद्र पटेल से 9,500 रुपये जमा कराए गए, जिसके बदले उन्हें एक कोट-पैंट और गोवा ट्रिप का वादा किया गया। लोगों का विश्वास जीतने के लिए अकबरपुर के एक होटल में लगातार सेमिनार आयोजित किए गए। इसके जरिए इल्तिफातगंज, एनटीपीसी, टांडा और बस्ती सहित कई क्षेत्रों के लोगों को जोड़ा गया।
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पहले 9,500 रुपये की योजना चली, जिसे छह माह बाद बंद कर दिया गया। इसके बाद 18,000 रुपये की एफडी स्कीम आई, जिसमें ढाई साल में 64,000 रुपये देने का वादा था। इसे 2023 में बंद कर दिया गया। अंत में एफआईएनआई नाम से एक योजना शुरू की गई। इसमें 12,000 रुपये जमा करने और दो नए सदस्य जोड़ने पर 800 रुपये कमीशन व 24 माह तक दो हजार रुपये देने का दावा किया गया। कुछ समय तक भुगतान करने के बाद यह स्कीम भी बंद कर दी गई।
अकेले रवींद्र पटेल और उनकी टीम के 32 लोगों से जालसाजों ने 71 लाख रुपये निवेश कराकर हड़प लिए। सीओ भीटी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि शिकायतकर्ताओं से दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पूरे जिले में फैला था नेटवर्क
कैनविज कंपनी की ठगी का शिकार केवल टांडा और भीटी के लोग ही नहीं हुए हैं, बल्कि अकबरपुर, आलापुर, जहांगीरगंज और राजेसुल्तानपुर के भी बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए हैं। जालसाजों ने इन क्षेत्रों में निवेश के नाम पर धन दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं।
इन जालसाजों पर दर्ज हुई है एफआईआर
ठगी की रकम वापस पाने के निरंतर प्रयासों में विफल रहने के बाद एनवां निवासी रवींद्र पटेल ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर से शिकायत की थी। एसपी के निर्देश पर जांच सीओ भीटी को सौंपी गई। जांच में आरोप सही मिलने पर बुधवार को भीटी थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। नामजद आरोपियों में मुख्य रूप से बरेली जिले के बारादरी थाना अंतर्गत शाहदाना स्टेडियम रोड निवासी कन्हैया गुलाटी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी, पुत्र गोपाल गुलाटी, साले आशीष महाजन व उसकी पत्नी किमी महाजन शामिल हैं। इसके साथ ही अयोध्या के भीटी का पुरवा दर्शननगर निवासी और गोंडा के नवाबगंज अशोकपुर निवासी कृष्ण कुमार वर्मा के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई है।
