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Ambedkar Nagar News: जीवन के हर क्षण को बनाना चाहिए सार्थक
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:54 PM IST
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भीटी। क्षेत्र के चंदापुर में श्रीमद्भागवत कथा का सातवें व अंतिम दिन शुक्रवार को प्रवाचक पंडित शिवदर्शन ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। प्रवाचक ने बताया कि सच्चा मित्र समय और परिस्थितियों से परे होता है। बड़े पद या शक्ति में होने के बावजूद विनम्रता बनाए रखना आवश्यक है। इस लिए कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षण को सार्थक बनाना चाहिए। केवल आस्था ही नहीं, बल्कि अच्छे कर्म भी जीवन को दिशा देते हैं। बताया कि सुदामा अत्यंत गरीबी में जीवन यापन कर रहे थे। उनकी पत्नी ने उन्हें अपने बाल सखा कृष्ण से मिलने की सलाह दी। सुदामा के द्वारिका पहुंचने पर द्वारपालों ने उन्हें प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। जैसे ही कृष्ण को अपने मित्र के आगमन की सूचना मिली, वह तुरंत नंगे पांव दौड़ते हुए उनसे मिलने पहुंचे। कथा के बाद कृष्ण और सुदामा की झांकी भी निकाली गई। (संवाद)
जीवन का हर क्षण मूल्यवान
फोटो - 32
आलापुर। क्षेत्र के फतेहपुर खास में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर प्रवाचक राकेश तिवारी ने परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्राप मिलने के बाद राजा परीक्षित ने अपने जीवन के अंतिम समय को धर्म और ज्ञान के मार्ग पर लगाया। उन्होंने सांसारिक मोह को त्यागते हुए आध्यात्मिक ज्ञान की ओर ध्यान केंद्रित किया। मनुष्य को जीवन के अंतिम क्षणों में भी सही दिशा का चयन करना चाहिए। जीवन का हर क्षण मूल्यवान है, इसका सही उपयोग करना आवश्यक है। जीवन में हुई त्रुटियों को सुधारने का अवसर हमेशा रहता है। (संवाद)
अनुशासन व मर्यादा सफलता की कुंजी
जमुनीपुर। क्षेत्र के बिहलोलपुर में श्रीराम कथा के समापन सत्र में प्रवाचक जगजीवनानंद ने श्रीराम से जुड़े प्रमुख प्रसंगों का वर्णन करते हुए मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सत्य और ईमानदारी व्यक्ति को मजबूत बनाते हैं। जीवन में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना सफलता की कुंजी है। (संवाद)
श्रीराम कथा का समापन
फोटो - 33
जलालपुर। क्षेत्र के निमटिनी महराजपुर में श्रीराम कथा का समापन शुक्रवार को हुआ। अंतिम दिन प्रवाचक अनूप कुमार शास्त्री ने प्रमुख प्रसंगों का वर्णन करते हुए आदर्श जीवन, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हर परिस्थिति में अपने दायित्वों का पालन करना जरूरी है। जीवन में सफलता के लिए त्याग और अनुशासन महत्वपूर्ण हैं। निर्णय लेते समय सत्य और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। परिवार और समाज के प्रति संतुलित दृष्टिकोण रखना जरूरी है। (संवाद)
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जीवन का हर क्षण मूल्यवान
फोटो - 32
आलापुर। क्षेत्र के फतेहपुर खास में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर प्रवाचक राकेश तिवारी ने परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्राप मिलने के बाद राजा परीक्षित ने अपने जीवन के अंतिम समय को धर्म और ज्ञान के मार्ग पर लगाया। उन्होंने सांसारिक मोह को त्यागते हुए आध्यात्मिक ज्ञान की ओर ध्यान केंद्रित किया। मनुष्य को जीवन के अंतिम क्षणों में भी सही दिशा का चयन करना चाहिए। जीवन का हर क्षण मूल्यवान है, इसका सही उपयोग करना आवश्यक है। जीवन में हुई त्रुटियों को सुधारने का अवसर हमेशा रहता है। (संवाद)
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जमुनीपुर। क्षेत्र के बिहलोलपुर में श्रीराम कथा के समापन सत्र में प्रवाचक जगजीवनानंद ने श्रीराम से जुड़े प्रमुख प्रसंगों का वर्णन करते हुए मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सत्य और ईमानदारी व्यक्ति को मजबूत बनाते हैं। जीवन में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना सफलता की कुंजी है। (संवाद)
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फोटो - 33
जलालपुर। क्षेत्र के निमटिनी महराजपुर में श्रीराम कथा का समापन शुक्रवार को हुआ। अंतिम दिन प्रवाचक अनूप कुमार शास्त्री ने प्रमुख प्रसंगों का वर्णन करते हुए आदर्श जीवन, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हर परिस्थिति में अपने दायित्वों का पालन करना जरूरी है। जीवन में सफलता के लिए त्याग और अनुशासन महत्वपूर्ण हैं। निर्णय लेते समय सत्य और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। परिवार और समाज के प्रति संतुलित दृष्टिकोण रखना जरूरी है। (संवाद)