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Ambedkar Nagar News: महिला की मौत में पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
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बसखारी (अंबेडकरनगर)। बसखारी बाजार में अकबरपुर रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में गर्भपात के दौरान महिला की मौत के मामले में डीएम के निर्देश पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य गंभीर आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
अस्पताल में जहांगीरगंज के मठिया महमदपुर निवासी सुमन यादव (30) पत्नी पंकज कुछ माह की गर्भवती थीं। गर्भस्थ शिशु में समस्या के चलते चार जुलाई को सुमन के परिजनों ने उन्हें बसखारी में अकबरपुर रोड पर संचालित जय इंद्रा हॉस्पिटल में गर्भपात कराने के लिए भर्ती करवाया था। गर्भपात के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही से अत्यधिक रक्तस्राव हो गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने उन्हें रेफर कर दिया था। दो दिन बाद इलाज के दौरान सुमन की मौत हो गई थी।
मृतका के भाई ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया था। कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद अपर सीएमओ डा रामानंद सिद्धार्थ व महिला चिकित्सक डाॅ. रजनी सचान व नायब तहसीलदार कौशलकांत मिश्र की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान अस्पताल मुकेशचंद मौर्य के नाम से पंजीकृत पाया गया, जिसका पंजीकरण अप्रैल में ही समाप्त हो चुका था। वहीं, मौके से तमाम सबूत वहां से हटा दिए गए थे। मेडिकल उपकरण समेत सीसीटीवी कैमरा, आगंतुक रजिस्टर व कंप्यूटर सब गायब मिला था। मौके पर मूलचंद मौर्य निवासी दायमपुर हंसवर से बयान दर्ज कर टीम ने तत्काल अस्पताल को सील कर डीएम को अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में मूलचंद मौर्य समेत अन्य पांच स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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पहले भी गई थी एक प्रसूता की जान, हुई थी जेल
आरोपी मूलचंद मौर्य के लिए यह कोई पहला मामला नहीं है। दो वर्ष पूर्व भी इसी हाॅस्पिटल से चंद कदम की दूरी पर वह अस्पताल का संचालन कर रहा था। वहां भी चिकित्सकों की लापरवाही से प्रसूता की मौत हो गई थी। इसमें मूलचंद मौर्य जेल भी गया था, लेकिन अन्य लोग कानूनी दांवपेंच में बच गए थे। जेल से निकलते ही मूलचंद ने स्वास्थ्य विभाग से पुराने तथ्यों को छिपाकर अपने भाई के नाम से पंजीकरण करवा लिया। वहीं, अब दोबारा भी महिला की मौत के बाद अस्पताल को सील किया जा चुका है।
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अस्पताल में जहांगीरगंज के मठिया महमदपुर निवासी सुमन यादव (30) पत्नी पंकज कुछ माह की गर्भवती थीं। गर्भस्थ शिशु में समस्या के चलते चार जुलाई को सुमन के परिजनों ने उन्हें बसखारी में अकबरपुर रोड पर संचालित जय इंद्रा हॉस्पिटल में गर्भपात कराने के लिए भर्ती करवाया था। गर्भपात के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही से अत्यधिक रक्तस्राव हो गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने उन्हें रेफर कर दिया था। दो दिन बाद इलाज के दौरान सुमन की मौत हो गई थी।
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मृतका के भाई ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया था। कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद अपर सीएमओ डा रामानंद सिद्धार्थ व महिला चिकित्सक डाॅ. रजनी सचान व नायब तहसीलदार कौशलकांत मिश्र की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान अस्पताल मुकेशचंद मौर्य के नाम से पंजीकृत पाया गया, जिसका पंजीकरण अप्रैल में ही समाप्त हो चुका था। वहीं, मौके से तमाम सबूत वहां से हटा दिए गए थे। मेडिकल उपकरण समेत सीसीटीवी कैमरा, आगंतुक रजिस्टर व कंप्यूटर सब गायब मिला था। मौके पर मूलचंद मौर्य निवासी दायमपुर हंसवर से बयान दर्ज कर टीम ने तत्काल अस्पताल को सील कर डीएम को अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में मूलचंद मौर्य समेत अन्य पांच स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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पहले भी गई थी एक प्रसूता की जान, हुई थी जेल
आरोपी मूलचंद मौर्य के लिए यह कोई पहला मामला नहीं है। दो वर्ष पूर्व भी इसी हाॅस्पिटल से चंद कदम की दूरी पर वह अस्पताल का संचालन कर रहा था। वहां भी चिकित्सकों की लापरवाही से प्रसूता की मौत हो गई थी। इसमें मूलचंद मौर्य जेल भी गया था, लेकिन अन्य लोग कानूनी दांवपेंच में बच गए थे। जेल से निकलते ही मूलचंद ने स्वास्थ्य विभाग से पुराने तथ्यों को छिपाकर अपने भाई के नाम से पंजीकरण करवा लिया। वहीं, अब दोबारा भी महिला की मौत के बाद अस्पताल को सील किया जा चुका है।