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Ambedkar Nagar News: चार गांव डेंगू के हाई रिस्क जोन में, बढ़ी निगरानी
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बृहस्पतिवार को अकबरपुर में एंटी लार्वा का छिड़काव करता कर्मचारी। संवाद
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अंबेडकरनगर। मानसून के सक्रिय होते ही जिले में डेंगू और मलेरिया के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और बचाव अभियान तेज कर दिया है। जनवरी से अब तक जिले में डेंगू के 16 मरीज मिल चुके हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने टांडा के रुस्तमपुर आसोपुर और दहियावर, बसखारी के मुंडेरा तथा रामनगर के कटोखर गांव को हाई रिस्क जोन घोषित किया है, जहां दो से अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं।
इन गांवों समेत पूरे जिले में में 31 जुलाई तक विशेष दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लार्वा सर्वे, एंटी लार्वा का छिड़काव, घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की पहचान और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर तत्काल जांच और उपचार की व्यवस्था भी कर रही हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग, पंचायतीराज समेत अन्य विभागों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा बुखार होने पर तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की।
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हर सीएचसी पर तैनात हैं आरआरटी टीमें
डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की निगरानी के लिए सभी सीएचसी पर एक-एक रैपिड रिस्पांस टीम (आरआटी) का गठन किया गया है। चार सदस्यीय टीम में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन और वार्ड बॉय को रखा गया है। जिले में इस साल अब तक डेंगू के 16, मलेरिया के आठ, स्क्रबटायफस के चार, चिकनगुनिया के दो मरीज मिले हैं।
आसपास पानी न जमा होने दें
बुखार के मरीज मिलने पर डेंगू वमलेरिया की जांच कराई जा रही है। इसके लिए गांवों में आशा व एएनएम लोगों को जागरूक कर रही हैं। कूलर, गमलों, टायरों और अन्य पात्रों में पानी जमा न होने दें।
- डॉ. मनोज सिंह, प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी
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इन गांवों समेत पूरे जिले में में 31 जुलाई तक विशेष दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लार्वा सर्वे, एंटी लार्वा का छिड़काव, घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की पहचान और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर तत्काल जांच और उपचार की व्यवस्था भी कर रही हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग, पंचायतीराज समेत अन्य विभागों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा बुखार होने पर तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की।
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हर सीएचसी पर तैनात हैं आरआरटी टीमें
डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की निगरानी के लिए सभी सीएचसी पर एक-एक रैपिड रिस्पांस टीम (आरआटी) का गठन किया गया है। चार सदस्यीय टीम में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन और वार्ड बॉय को रखा गया है। जिले में इस साल अब तक डेंगू के 16, मलेरिया के आठ, स्क्रबटायफस के चार, चिकनगुनिया के दो मरीज मिले हैं।
आसपास पानी न जमा होने दें
बुखार के मरीज मिलने पर डेंगू वमलेरिया की जांच कराई जा रही है। इसके लिए गांवों में आशा व एएनएम लोगों को जागरूक कर रही हैं। कूलर, गमलों, टायरों और अन्य पात्रों में पानी जमा न होने दें।
- डॉ. मनोज सिंह, प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी