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Ambedkar Nagar News: टेंडर गड़बड़ी में न जवाब आया न हो सकी कार्रवाई
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अंबेडकरनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में खाद्य सामग्री आपूर्ति के टेंडर में हुई अनियमितता में बचने-बचाने का खेल जारी है। डीएम के आदेश के बाद शक्ति इंटरप्राइजेज बस्ती को ब्लैक लिस्ट करने और कर्मचारियों को जवाब देने के लिए नोटिस दिया गया है। बावजूद इसके अब तक अब तक न तो जवाब आया है न ही कार्रवाई हुई है।
कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में खाद्यान्न की आपूर्ति के लिए टेंडर निकाला गया था। इस टेंडर को शक्ति इंटरप्राइजेज बस्ती ने अनुमानित लागत 2,66,25,000 रुपये के मुकाबले मात्र 22,580 रुपये में आपूर्ति की पेशकश की थी। इसकी शिकायत आदिशक्ति इंटर प्राइजेज जौनपुर की ओर से डीएम को की गई। इसके बाद डीएम अनुपम शुक्ला ने बीते शनिवार को टेंडर निरस्त करने के साथ फर्म को ब्लैक लिस्ट कराने और संबंधित विभागीय कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए थे।
इस मामले में बीएसए शैलेश कुमार पटेल ने जिला समन्वयक एमआईएस विपुल सिंह व जिला समन्वयक एमडीएम-प्रभारी बालिका शिक्षा सत्य प्रकाश मौर्य को नोटिस देकर जवाब मांगा था। चार दिन बीतने के बाद भी अभी कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को डीएम के समक्ष पत्रावली प्रस्तुत की गई थी लेकिन डीएम ने इसे अस्वीकार कर दिया था। साथ ही बीएसए को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल निविदा कर्मचारी की बड़ी भूमिका इस पूरे मामले में होने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि मामले में कार्रवाई से बचने के लिए हर प्रकार का पैतरा अपनाया जा रहा है।
जिला समन्वयक पर लगते रहे हैं आरोप
जिला समन्वयक एमआईएस विपुल सिंह पर लंबे समय से आरोप लग रहे हैं। बाल मैत्रिक फर्नीचर की सप्लाई के टेंडर में तकनीकी बिड में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था, जिस पर जांच कराई गई थी। इस मामले में बीएसए की ओर से जवाब भी मांगा गया था लेकिन जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में फिर से नोटिस जारी किया गया था और सेवा समाप्ति की चेतावनी भी दी गई थी। इसके अलावा ईसीसीई एजुकेटर भर्ती में भी विपुल पर कई आरोप लगे थे। इस मामले में डीएम ने सूची रद्द कर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।
जवाब मिलने के बाद होगी कार्रवाई
टेंडर प्रकरण में दोनों कर्मचारियों को जवाब देने के लिए तीन दिन का और समय दिया गया है। फर्म को नोटिस भेजकर सात दिन का समय जवाब देने के लिए दिया गया है। जवाब के आधार पर डीएम को रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।
- शैलेश कुमार पटेल, बीएसए
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कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में खाद्यान्न की आपूर्ति के लिए टेंडर निकाला गया था। इस टेंडर को शक्ति इंटरप्राइजेज बस्ती ने अनुमानित लागत 2,66,25,000 रुपये के मुकाबले मात्र 22,580 रुपये में आपूर्ति की पेशकश की थी। इसकी शिकायत आदिशक्ति इंटर प्राइजेज जौनपुर की ओर से डीएम को की गई। इसके बाद डीएम अनुपम शुक्ला ने बीते शनिवार को टेंडर निरस्त करने के साथ फर्म को ब्लैक लिस्ट कराने और संबंधित विभागीय कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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इस मामले में बीएसए शैलेश कुमार पटेल ने जिला समन्वयक एमआईएस विपुल सिंह व जिला समन्वयक एमडीएम-प्रभारी बालिका शिक्षा सत्य प्रकाश मौर्य को नोटिस देकर जवाब मांगा था। चार दिन बीतने के बाद भी अभी कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को डीएम के समक्ष पत्रावली प्रस्तुत की गई थी लेकिन डीएम ने इसे अस्वीकार कर दिया था। साथ ही बीएसए को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल निविदा कर्मचारी की बड़ी भूमिका इस पूरे मामले में होने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि मामले में कार्रवाई से बचने के लिए हर प्रकार का पैतरा अपनाया जा रहा है।
जिला समन्वयक पर लगते रहे हैं आरोप
जिला समन्वयक एमआईएस विपुल सिंह पर लंबे समय से आरोप लग रहे हैं। बाल मैत्रिक फर्नीचर की सप्लाई के टेंडर में तकनीकी बिड में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था, जिस पर जांच कराई गई थी। इस मामले में बीएसए की ओर से जवाब भी मांगा गया था लेकिन जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में फिर से नोटिस जारी किया गया था और सेवा समाप्ति की चेतावनी भी दी गई थी। इसके अलावा ईसीसीई एजुकेटर भर्ती में भी विपुल पर कई आरोप लगे थे। इस मामले में डीएम ने सूची रद्द कर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।
जवाब मिलने के बाद होगी कार्रवाई
टेंडर प्रकरण में दोनों कर्मचारियों को जवाब देने के लिए तीन दिन का और समय दिया गया है। फर्म को नोटिस भेजकर सात दिन का समय जवाब देने के लिए दिया गया है। जवाब के आधार पर डीएम को रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।
- शैलेश कुमार पटेल, बीएसए