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इंद्रावती हत्याकांड : करीबियों की खंगाली जा रही कॉल डिटेल
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मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ गांव में आईपीएस आशुतोष मिश्रा के घर के बाहर मौजूद जनप्रतिनिधि व परिजन।
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अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस अधीक्षक (हेडक्वार्टर) के पद पर तैनात आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती (91) की हत्या के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने चार टीमों का गठन किया है। सीओ आलापुर अरुण कुमार नौहार, सीओ जलालपुर अनूप सिंह के अलावा सर्विलांस व एसओजी टीम घटना के खुलासे के लिए साक्ष्य जुटाने में जुटी है। हालांकि 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है।
मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ निवासी एसपी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रावती (91) का शव रविवार सुबह करीब 10 बजे संदिग्ध हालात में घर में मिला था। उनके मुंह से खून बह रहा था और शरीर से जेवर भी गायब थे। एसपी आशुतोष मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने लूट और हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। देर रात शव का पोस्टमॉर्टम भी हुआ, जिसमें मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल सका। हालांकि, शरीर के कुछ हिस्सों में चोट के निशान मिले थे। उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस मामले में छानबीन में जुटी है। ग्रामीणों, करीबियों और आसपास के गांव के लोगों से पूछताछ की जा रही है। गांव में कहीं भी सीसीटीवी न होने से पुलिस के हाथ कोई साक्ष्य नहीं लगा है। पुलिस इंद्रावती के करीबियों के नंबरों की कुंडली भी खंगाल रही है। इंद्रावती जब से गांव आईं थीं उनकी किस-किस से बात हुई, उन नंबरों की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उनसे भी पुलिस पूछताछ करने की तैयारी में है। इंद्रावती के घर में कौन-कौन आता था। घटना के एक दिन पहले उनसे किस किस ने मुलाकात की थी, इन सभी पहलुओं के आधार पर पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है। सोमवार को एसओजी, सर्विलांस और फोरेंसिक टीमों ने घटना स्थल पर पहुंचकर दोबारा गहनता से जांच पड़ताल की।
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हमेशा खुला रहता था घर का छोटा दरवाजा
सूत्रों के अनुसार आईपीएस आशुतोष मिश्रा के घर का छोटा दरवाजा हमेशा खुला रहता था। उनकी मां इंद्रावती (91) गांव आने पर दालान में ही सोती थीं। पूरा गांव उनका सम्मान करता था। ऐसे में सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की चिंता नहीं थी। वे सभी के सुख-दुख में शामिल होती थीं। यह सहजता और सुरक्षा के प्रति उनकी बेफिक्री ही शायद किसी को खटक गई। 15 अगस्त की रात वारदात के बाद हत्या के तरीके को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। यह बात लोगों को हैरान कर रही है कि जो इंद्रावती हर दिन बरामदे में सोती थीं, वह वारदात वाली रात हाॅल में क्यों सो रही थीं। इसके अलावा, हत्या की वारदात के बाद घर के बाहरी दरवाजे की कुंडी को बाहर से बंद पाया गया। इस तरीके से घटना को अंजाम देने से यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि इस कृत्य में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है, जो परिवार या घर से परिचित हो। हालांकि ग्रामीणों के साथ ही परिजन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
मायावती ने कानून व्यवस्था पर जताई चिंता
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अंबेडकरनगर में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की करीब बुजुर्ग मां की हत्या की घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद चिंताजनक बताया। मायावती ने कहा कि जब एक पुलिस अधिकारी के परिवार के साथ हत्या जैसी जघन्य घटना हो सकती है तो आमजन की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने सरकार से घटना का उचित संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
वर्जन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया है। इसके साथ ही दिल भी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, ताकि हार्टअटैक व अन्य कारणों का पता लगाया जा सके। पूरे घटनाक्रम में जेवर गायब होना प्रमुख जांच का विषय है। कुछ संदिग्ध रडार पर हैं, जिनकी छानबीन की जा रही है।
- प्रवीण कुमार, एडीजी जोन लखनऊ
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मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ निवासी एसपी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रावती (91) का शव रविवार सुबह करीब 10 बजे संदिग्ध हालात में घर में मिला था। उनके मुंह से खून बह रहा था और शरीर से जेवर भी गायब थे। एसपी आशुतोष मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने लूट और हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। देर रात शव का पोस्टमॉर्टम भी हुआ, जिसमें मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल सका। हालांकि, शरीर के कुछ हिस्सों में चोट के निशान मिले थे। उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।
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पुलिस मामले में छानबीन में जुटी है। ग्रामीणों, करीबियों और आसपास के गांव के लोगों से पूछताछ की जा रही है। गांव में कहीं भी सीसीटीवी न होने से पुलिस के हाथ कोई साक्ष्य नहीं लगा है। पुलिस इंद्रावती के करीबियों के नंबरों की कुंडली भी खंगाल रही है। इंद्रावती जब से गांव आईं थीं उनकी किस-किस से बात हुई, उन नंबरों की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उनसे भी पुलिस पूछताछ करने की तैयारी में है। इंद्रावती के घर में कौन-कौन आता था। घटना के एक दिन पहले उनसे किस किस ने मुलाकात की थी, इन सभी पहलुओं के आधार पर पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है। सोमवार को एसओजी, सर्विलांस और फोरेंसिक टीमों ने घटना स्थल पर पहुंचकर दोबारा गहनता से जांच पड़ताल की।
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हमेशा खुला रहता था घर का छोटा दरवाजा
सूत्रों के अनुसार आईपीएस आशुतोष मिश्रा के घर का छोटा दरवाजा हमेशा खुला रहता था। उनकी मां इंद्रावती (91) गांव आने पर दालान में ही सोती थीं। पूरा गांव उनका सम्मान करता था। ऐसे में सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की चिंता नहीं थी। वे सभी के सुख-दुख में शामिल होती थीं। यह सहजता और सुरक्षा के प्रति उनकी बेफिक्री ही शायद किसी को खटक गई। 15 अगस्त की रात वारदात के बाद हत्या के तरीके को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। यह बात लोगों को हैरान कर रही है कि जो इंद्रावती हर दिन बरामदे में सोती थीं, वह वारदात वाली रात हाॅल में क्यों सो रही थीं। इसके अलावा, हत्या की वारदात के बाद घर के बाहरी दरवाजे की कुंडी को बाहर से बंद पाया गया। इस तरीके से घटना को अंजाम देने से यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि इस कृत्य में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है, जो परिवार या घर से परिचित हो। हालांकि ग्रामीणों के साथ ही परिजन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
मायावती ने कानून व्यवस्था पर जताई चिंता
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अंबेडकरनगर में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की करीब बुजुर्ग मां की हत्या की घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद चिंताजनक बताया। मायावती ने कहा कि जब एक पुलिस अधिकारी के परिवार के साथ हत्या जैसी जघन्य घटना हो सकती है तो आमजन की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने सरकार से घटना का उचित संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
वर्जन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया है। इसके साथ ही दिल भी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, ताकि हार्टअटैक व अन्य कारणों का पता लगाया जा सके। पूरे घटनाक्रम में जेवर गायब होना प्रमुख जांच का विषय है। कुछ संदिग्ध रडार पर हैं, जिनकी छानबीन की जा रही है।
- प्रवीण कुमार, एडीजी जोन लखनऊ