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Ambedkar Nagar News: पूर्व सीएम की जमीन के प्रकरण में तेज हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 26 Feb 2026 12:53 AM IST
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आलापुर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जुड़े बहुचर्चित भूमि प्रकरण में जांच तेज हो गई है। केयरटेकर अनिल यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री के पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। दस्तावेज सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की।
मुलाकात के दौरान अनिल यादव ने कथित मुख्तार-ए-आम की प्रति, पुराने खतौनी अभिलेख, निवास संबंधी दस्तावेज तथा धारा 34 के अंतर्गत पूर्व में निरस्त दाखिल-खारिज आदेश की प्रति प्रस्तुत की। उनका आरोप है कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए फर्जी तरीके से मुख्तार-ए-आम तैयार कराया गया और उसी आधार पर बैनामा किया गया।
मुख्तार-ए-आम में पूर्व मुख्यमंत्री का नाम दिग्विजय सिंह उर्फ दुर्विजय सिंह निवासी ग्राम मकरही अंकित है, जबकि आधिकारिक अभिलेखों में उनका स्थायी पता मध्य प्रदेश में दर्ज बताया गया है। इसके अतिरिक्त विवादित जमीन का दाखिल-खारिज कराने के प्रयास भी किया जा रहा है। प्रस्तुत नामांतरण अर्जी साक्ष्यों के अभाव में खारिज हो चुकी है।
अनिल यादव ने यह भी आरोप लगाया कि प्रभाव का उपयोग कर तहसील स्तर पर पुनः प्रक्रिया प्रारंभ कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
एसडीएम सुभाष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। हमें संबंधित पत्र प्राप्त हुए हैं। सभी अभिलेखों का परीक्षण कराया जा रहा है। यदि दस्तावेजों में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाया गया तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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मुलाकात के दौरान अनिल यादव ने कथित मुख्तार-ए-आम की प्रति, पुराने खतौनी अभिलेख, निवास संबंधी दस्तावेज तथा धारा 34 के अंतर्गत पूर्व में निरस्त दाखिल-खारिज आदेश की प्रति प्रस्तुत की। उनका आरोप है कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए फर्जी तरीके से मुख्तार-ए-आम तैयार कराया गया और उसी आधार पर बैनामा किया गया।
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मुख्तार-ए-आम में पूर्व मुख्यमंत्री का नाम दिग्विजय सिंह उर्फ दुर्विजय सिंह निवासी ग्राम मकरही अंकित है, जबकि आधिकारिक अभिलेखों में उनका स्थायी पता मध्य प्रदेश में दर्ज बताया गया है। इसके अतिरिक्त विवादित जमीन का दाखिल-खारिज कराने के प्रयास भी किया जा रहा है। प्रस्तुत नामांतरण अर्जी साक्ष्यों के अभाव में खारिज हो चुकी है।
अनिल यादव ने यह भी आरोप लगाया कि प्रभाव का उपयोग कर तहसील स्तर पर पुनः प्रक्रिया प्रारंभ कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
एसडीएम सुभाष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। हमें संबंधित पत्र प्राप्त हुए हैं। सभी अभिलेखों का परीक्षण कराया जा रहा है। यदि दस्तावेजों में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाया गया तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
