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Ambedkar Nagar News: 107 में से सिर्फ छह शिकायतों का निस्तारण
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शनिवार को भीटी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पीड़ितों की शिकायत सुनती डीएम ईशा प्रि
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अंबेडकरनगर। जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से आयोजित होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस अब फरियादियों के लिए केवल आवेदन जमा करने का मंच बनता जा रहा है। शनिवार को भीटी तहसील में जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित हुआ।
इस दौरान कुल 107 शिकायतें पहुंचीं, लेकिन मौके पर सिर्फ छह मामलों का ही निस्तारण हो सका। बाकी 101 शिकायतें एक बार फिर जांच और रिपोर्ट के भरोसे छोड़ दी गईं। समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले राजस्व और पुलिस विभाग से संबंधित थे। बड़ी उम्मीद लेकर पहुंचे फरियादियों को अधिकारियों ने संबंधित विभागों को जांच के निर्देश देकर वापस भेज दिया। कई लोगों का कहना था कि वे पहले भी कई बार समाधान दिवस में आ चुके हैं।
उन्हें हर बार शिकायत जांच के नाम पर टाल दी जाती है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व विवादों में मौके पर जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने को कहा। हालांकि, आंकड़े खुद व्यवस्था की तस्वीर बयां कर रहे हैं। 107 में से केवल छह मामलों का मौके पर निस्तारण हुआ, यानी 94 फीसदी से अधिक शिकायतें लंबित रहीं। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, उप जिलाधिकारी और तहसीलदार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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इस दौरान कुल 107 शिकायतें पहुंचीं, लेकिन मौके पर सिर्फ छह मामलों का ही निस्तारण हो सका। बाकी 101 शिकायतें एक बार फिर जांच और रिपोर्ट के भरोसे छोड़ दी गईं। समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले राजस्व और पुलिस विभाग से संबंधित थे। बड़ी उम्मीद लेकर पहुंचे फरियादियों को अधिकारियों ने संबंधित विभागों को जांच के निर्देश देकर वापस भेज दिया। कई लोगों का कहना था कि वे पहले भी कई बार समाधान दिवस में आ चुके हैं।
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उन्हें हर बार शिकायत जांच के नाम पर टाल दी जाती है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व विवादों में मौके पर जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने को कहा। हालांकि, आंकड़े खुद व्यवस्था की तस्वीर बयां कर रहे हैं। 107 में से केवल छह मामलों का मौके पर निस्तारण हुआ, यानी 94 फीसदी से अधिक शिकायतें लंबित रहीं। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, उप जिलाधिकारी और तहसीलदार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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