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Ambedkar Nagar News: अवैध निर्माण और गंदे नालों से बढ़ा तमसा का प्रदूषण
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जलालपुर की तमसा नदी में अवैध निर्माण और गंदे नालों से बढ़ा प्रदूषण।संवाद
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जलालपुर। नगर पालिका क्षेत्र में बहने वाली तमसा नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ता दिख रहा है। करीब 50 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में नदी किनारे अवैध निर्माण और गंदे नालों के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। नदी के किनारे बड़े पैमाने पर मकान बना दिए गए हैं।
नियमों के अनुसार नदी से 100 मीटर के दायरे में निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो रहा है। नगर क्षेत्र के दर्जनों छोटे-बड़े नालों का गंदा पानी सीधे तमसा नदी में गिर रहा है। इसके साथ प्लास्टिक और रासायनिक अपशिष्ट भी नदी में पहुंच रहे हैं। कई जगह नदी की धारा कमजोर हो गई है।
आंबेडकर पर्यावरण समिति के सदस्य केशव श्रीवास्तव ने कई बार नदी की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि नालों में जाल न लगने से कचरा सीधे नदी में जा रहा है। दिल्ली से आई नमामि गंगे की केंद्रीय टीम ने निरीक्षण के दौरान कचरा प्रबंधन की कमी और बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई थी। रिपोर्ट में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नालों के शोधन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जलालपुर के 80 वर्षीय गुलाबचंद गुप्ता ने बताया कि पहले तमसा नदी का पानी साफ होता था और लोग इसका उपयोग करते थे। अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि तमसा नदी की सफाई और सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जल्द ही परियोजना तैयार कर काम शुरू कराया जाएगा।
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नियमों के अनुसार नदी से 100 मीटर के दायरे में निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो रहा है। नगर क्षेत्र के दर्जनों छोटे-बड़े नालों का गंदा पानी सीधे तमसा नदी में गिर रहा है। इसके साथ प्लास्टिक और रासायनिक अपशिष्ट भी नदी में पहुंच रहे हैं। कई जगह नदी की धारा कमजोर हो गई है।
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आंबेडकर पर्यावरण समिति के सदस्य केशव श्रीवास्तव ने कई बार नदी की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि नालों में जाल न लगने से कचरा सीधे नदी में जा रहा है। दिल्ली से आई नमामि गंगे की केंद्रीय टीम ने निरीक्षण के दौरान कचरा प्रबंधन की कमी और बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई थी। रिपोर्ट में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नालों के शोधन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जलालपुर के 80 वर्षीय गुलाबचंद गुप्ता ने बताया कि पहले तमसा नदी का पानी साफ होता था और लोग इसका उपयोग करते थे। अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि तमसा नदी की सफाई और सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जल्द ही परियोजना तैयार कर काम शुरू कराया जाएगा।

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