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Ambedkar Nagar News: टांडा-कलवारी पुल की मरम्मत पूरी, आज से फर्राटा भरेंगे वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:42 PM IST
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.टांडा-बस्ती सीमा पर लुंबिनी-दुद्धी मार्ग पर सरयू नदी पर बने टांडा-कलवारी पुल का मरम्मत कार्य प
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विद्युतनगर। टांडा और बस्ती को जोड़ने वाले लुंबिनी-दुद्धी मार्ग पर स्थित टांडा-कलवारी पुल की मरम्मत का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। करीब छह महीने के लंबे इंतजार के बाद एक अप्रैल से इस प्रमुख मार्ग पर वाहनों का आवागमन फिर से बहाल कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा पुल की संरचनात्मक मजबूती और फर्श के नवीनीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
टांडा-कलवारी पुल अंबेडकरनगर और बस्ती जिले को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इसके माध्यम से अंबेडकरनगर से प्रयागराज, वाराणसी, विंध्याचल, जौनपुर, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ तक की यात्रा आसान होती है। वहीं, स्थानीय दुकानदारों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों की रोजी-रोटी पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा। एनएचएआई की ओर से पुल की मरम्मत कार्य कराए गए थे। पुल की मरम्मत में संरचनात्मक मजबूती, फर्श का नवीनीकरण और सुरक्षा उपाय शामिल थे। एनएचएआई के साइड इंजीनियर रजनीश यादव ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है। वर्तमान में केवल साफ-सफाई का अंतिम चरण चल रहा है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के अनुसार बुधवार से पुल पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
70 किमी चक्कर काटने से मिलेगी राहत
पुल बंद होने के कारण यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों से लगभग 70 किलोमीटर का चक्कर काटकर जाना पड़ रहा था। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही थी, बल्कि ईंधन का खर्च भी दोगुना हो गया था। अब पुल खुलने से अंबेडकरनगर से बस्ती, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और पड़ोसी देश नेपाल तक का सफर बेहद आसान और कम समय में पूरा होगा।
स्थानीय लोगों में खुशी
पुल के खुलने से स्थानीय लोगों का आवागमन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों में भी सुधार आने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों महेंद्र, विकास व श्याम बहादुर ने कहा कि लंबे समय से बंद रहने के कारण व्यापार प्रभावित हुआ था। पुल खुलने से बाजारों में फिर से रौनक लौटेगी। क्षेत्रवासियों को परेशानियों से निजात मिलेगी।
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टांडा-कलवारी पुल अंबेडकरनगर और बस्ती जिले को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इसके माध्यम से अंबेडकरनगर से प्रयागराज, वाराणसी, विंध्याचल, जौनपुर, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ तक की यात्रा आसान होती है। वहीं, स्थानीय दुकानदारों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों की रोजी-रोटी पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा। एनएचएआई की ओर से पुल की मरम्मत कार्य कराए गए थे। पुल की मरम्मत में संरचनात्मक मजबूती, फर्श का नवीनीकरण और सुरक्षा उपाय शामिल थे। एनएचएआई के साइड इंजीनियर रजनीश यादव ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है। वर्तमान में केवल साफ-सफाई का अंतिम चरण चल रहा है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के अनुसार बुधवार से पुल पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
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70 किमी चक्कर काटने से मिलेगी राहत
पुल बंद होने के कारण यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों से लगभग 70 किलोमीटर का चक्कर काटकर जाना पड़ रहा था। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही थी, बल्कि ईंधन का खर्च भी दोगुना हो गया था। अब पुल खुलने से अंबेडकरनगर से बस्ती, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और पड़ोसी देश नेपाल तक का सफर बेहद आसान और कम समय में पूरा होगा।
स्थानीय लोगों में खुशी
पुल के खुलने से स्थानीय लोगों का आवागमन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों में भी सुधार आने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों महेंद्र, विकास व श्याम बहादुर ने कहा कि लंबे समय से बंद रहने के कारण व्यापार प्रभावित हुआ था। पुल खुलने से बाजारों में फिर से रौनक लौटेगी। क्षेत्रवासियों को परेशानियों से निजात मिलेगी।