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Ambedkar Nagar News: एफआईआर निरस्त कराने की थानाध्यक्ष की याचिका खारिज
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अंबेडकरनगर। महरुआ इलाके के अतरौला निवासी अजय कुमार की जेल में हुई मौत के मामले में दर्ज एफआईआर खारिज कराने की एसओ की ओर से दायर की गई याचिका को बृहस्पतिवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन एसओ महरुआ, गिरफ्तार करने वाले पुलिस कर्मियों, तत्कालीन जेल अधीक्षक और विपक्षी अनिल कुमार पर गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।
अजय कुमार की मां शिवकुमारी ने 20 अप्रैल 2025 को हत्या का आरोप लगाते हुए न्यायालय से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसमें अनिल कुमार निवासी चपरा महमदपुर के अलावा तत्कालीन एसओ महरुआ, एसडीएम भीटी व जेल अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया था। हाईकोर्ट व सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष महरुआ व वर्तमान थानाध्यक्ष सम्मनपुर दिनेश कुमार सिंह ने पूर्व में आर्टिकल 226 के तहत हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दाखिल करते हुए एफआईआर खारिज (क्वैश) कराने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान एसओ ने याचिका के पोषणीय न होने के कारण वापस ले लिया था। इसी बीच 528 बीएनएसएस के तहत दोबारा अपील की गई थी। कोर्ट संख्या 14 में इस मामले की सुनवाई चली और कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
ये था पूरा मामला
मृतक अजय की 28 मार्च 2025 की रात अनिल कुमार से कहासुनी हुई थी, जिसकी रिकॉर्डिंग दूसरे दिन अनिल ने वायरल कर दी थी। वायरल ऑडियो के आधार पर 29 मार्च को अजय को पुलिस ने एसडीएम भीटी के कोर्ट में पेश किया, जहां से अजय काे जेल भेज दिया गया था। 30 मार्च की शाम अजय को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। मृतक के कान व नाक से रक्तस्राव हो रहा था। साथ ही उसे सिर पर भी चोट के निशान मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच में भी इसकी पुष्टि हुई थी।
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अजय कुमार की मां शिवकुमारी ने 20 अप्रैल 2025 को हत्या का आरोप लगाते हुए न्यायालय से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसमें अनिल कुमार निवासी चपरा महमदपुर के अलावा तत्कालीन एसओ महरुआ, एसडीएम भीटी व जेल अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया था। हाईकोर्ट व सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष महरुआ व वर्तमान थानाध्यक्ष सम्मनपुर दिनेश कुमार सिंह ने पूर्व में आर्टिकल 226 के तहत हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दाखिल करते हुए एफआईआर खारिज (क्वैश) कराने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान एसओ ने याचिका के पोषणीय न होने के कारण वापस ले लिया था। इसी बीच 528 बीएनएसएस के तहत दोबारा अपील की गई थी। कोर्ट संख्या 14 में इस मामले की सुनवाई चली और कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
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ये था पूरा मामला
मृतक अजय की 28 मार्च 2025 की रात अनिल कुमार से कहासुनी हुई थी, जिसकी रिकॉर्डिंग दूसरे दिन अनिल ने वायरल कर दी थी। वायरल ऑडियो के आधार पर 29 मार्च को अजय को पुलिस ने एसडीएम भीटी के कोर्ट में पेश किया, जहां से अजय काे जेल भेज दिया गया था। 30 मार्च की शाम अजय को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। मृतक के कान व नाक से रक्तस्राव हो रहा था। साथ ही उसे सिर पर भी चोट के निशान मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच में भी इसकी पुष्टि हुई थी।