{"_id":"697b9866f1edb2b13e0a743b","slug":"ugc-foot-march-taken-out-in-protest-against-new-rule-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-149660-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूजीसी : नए नियम के विरोध में निकाला पैदल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूजीसी : नए नियम के विरोध में निकाला पैदल मार्च
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 29 Jan 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
आलापुर में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन करते सवर्ण आर्मी के बैनर तले स्थानीय नागरिक।
विज्ञापन
आलापुर (अंबेडकरनगर)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम के विरोध में आलापुर में सवर्ण आर्मी के बैनर तले हजारों लोगों ने विशाल पैदल मार्च निकाला। एसडीएम सुभाष सिंह को ज्ञापन दिया। पैदल मार्च में यूजीसी के नए नियम वापस लो के नारे गूंजते रहें।
पैदल मार्च की अगुवाई सवर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष राहुल उपाध्याय ने की, जबकि अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी की मौजूदगी में अधिवक्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यूजीसी का यह नियम लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की साजिश है। यह मसौदा शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक संतुलन के खिलाफ है। ऐसे जनविरोधी बिल को सरकार तत्काल वापस ले, नहीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
गायक सौरभ शुक्ला ने कहा कि शिक्षा बाजार नहीं, संस्कार है और यह नियम उसी आत्मा पर प्रहार करता है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी ने कहा कि यूजीसी का यह नियम संवैधानिक मूल्यों और संघीय ढांचे के विरुद्ध है। ऐसे नियम को न्यायिक और जनआंदोलन के माध्यम से रोका जाएगा। समाजसेवी प्रदीप पांडेय ने कहा कि यह नियम ग्रामीण और सामान्य वर्ग के छात्रों के अवसर छीन लेगा।
आरएसएस से जुड़े कमलेश मिश्रा ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है, प्रयोगशाला नहीं। यूजीसी का यह नियम भारतीय शिक्षा परंपरा और स्वायत्तता को कमजोर करता है। भीड़ की संख्या और आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी स्थिति का जायजा लेते रहे। तहसील मुख्यालय, आसपास की सड़कों और रामनगर के प्रमुख चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान श्यामनाथ शुक्ला, भगवान पांडे, पंकज त्रिपाठी, बंटी पांडेय, रामगोपाल उपाध्याय, प्रदीप पांडेय, कमलेश मिश्रा, आनंद सिंह डॉ. पूनम राय समेत अन्य लोग शामिल हुए।
Trending Videos
पैदल मार्च की अगुवाई सवर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष राहुल उपाध्याय ने की, जबकि अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी की मौजूदगी में अधिवक्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यूजीसी का यह नियम लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की साजिश है। यह मसौदा शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक संतुलन के खिलाफ है। ऐसे जनविरोधी बिल को सरकार तत्काल वापस ले, नहीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गायक सौरभ शुक्ला ने कहा कि शिक्षा बाजार नहीं, संस्कार है और यह नियम उसी आत्मा पर प्रहार करता है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी ने कहा कि यूजीसी का यह नियम संवैधानिक मूल्यों और संघीय ढांचे के विरुद्ध है। ऐसे नियम को न्यायिक और जनआंदोलन के माध्यम से रोका जाएगा। समाजसेवी प्रदीप पांडेय ने कहा कि यह नियम ग्रामीण और सामान्य वर्ग के छात्रों के अवसर छीन लेगा।
आरएसएस से जुड़े कमलेश मिश्रा ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है, प्रयोगशाला नहीं। यूजीसी का यह नियम भारतीय शिक्षा परंपरा और स्वायत्तता को कमजोर करता है। भीड़ की संख्या और आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी स्थिति का जायजा लेते रहे। तहसील मुख्यालय, आसपास की सड़कों और रामनगर के प्रमुख चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान श्यामनाथ शुक्ला, भगवान पांडे, पंकज त्रिपाठी, बंटी पांडेय, रामगोपाल उपाध्याय, प्रदीप पांडेय, कमलेश मिश्रा, आनंद सिंह डॉ. पूनम राय समेत अन्य लोग शामिल हुए।
