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Amethi News: एक रुपये का परचा, लिख दी 600 की दवा

संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sat, 28 Feb 2026 11:48 PM IST
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A prescription of one rupee was given and a medicine worth 600 rupees was prescribed.
. भेटुआ सीएचसी पर किरन को सरकारी परचे पर लिखी बाहर की दवाएं। - संवाद
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भेंटुआ। सरकारी अस्पताल में बाहरी दवाओं के लिखने पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अफसरों के आदेश के बाद भी चिकित्सक बेपरवाह हैं। हालत ये है कि ओपीडी में बैठे एजेंट कमीशन वाली मनचाही दवाएं लिखवा रहे हैं। एक रुपये के सरकारी परचे पर 600 रुपये से अधिक की बाहरी दवाएं लिखी जा रही हैं। मजबूरन मरीजों व तीमारदारों को दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
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सीएचसी पर मिली किरन सिंह ने बताया कि उन्हें सर्वाइकल की समस्या है। दर्द की वजह से बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है। कहा कि चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने जांच तो नहीं कराई, लेकिन सरकारी परचे पर बाहर की कई दवाएं लिख दी। बताया कि करीब 600 रुपये की दवा बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी।
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वहीं अपनी पत्नी रिया सिंह का इलाज कराने पहुंचे लकी सिंह ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी सुबह बेहोश हो गई थीं। यहां पर आए तो चिकित्सक ने एक रुपये के परचे पर 350 रुपये की बाहर की दवा लिख दी। अमर बहादुर सिंह ने बताया हाथ पैर व जोड़ों में दर्द है। सरकारी अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है। 400 रुपये की दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिमन्यु वर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


जन औषधि केंद्र पर मिल रही बाहरी दवाएं
अमेठी सिटी। गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में शनिवार को मिले अमित व उनके परिजन ने बताया कि जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने परचे पर दवाएं लिखी। फार्मेंसी में कुछ दवाएं मिल गईं। उसके बाद जन औषधि केंद्र पर दवाएं खरीदी तो दो दवाएं बाहर की दी गईं। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र पर बाहर की दवाएं मिलना बड़ा सवाल है। रायबरेली की सीता देवी ने बताया कि उन्हें मानसिक संग अन्य बीमारी है। यहां चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने सरकारी परचे पर दवाएं लिखी, जिसमें तीन दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ी। गढ़ा की सावित्री ने बताया कि उन्हें बीपी संग अन्य दिक्कते हैं। दो दवाएं अंदर से मिलीं और एक दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि बाहरी दवाएं लिखने पर रोक है। बताया कि जांच कर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।


नहीं हुई अल्ट्रासाउंड जांच
जिला अस्पताल में शनिवार को भी मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पाई। मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा, वहीं गंभीर मरीजों को निजी सेंटरों पर 700 रुपये खर्चकर जांच करानी पड़ी। सीएमएस ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर हैं। सोमवार को अल्ट्रासाउंड जांच होगी।
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