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Amethi News: बीसी सखियां घर-घर पहुंचा रहीं बैंकिंग सेवाएं

Mon, 03 Aug 2026 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 03 Aug 2026 01:06 AM IST
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BC Sakhis are taking banking services to every household
 लोहरता गांव में पैसा निकालती बीसी सखी। -संवाद
अमेठी सिटी। कभी बैंक का काम कराने के लिए ग्रामीणों को कई किमी दूर शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब यही सुविधा गांव की चौपाल तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ीं जिले की 484 बैंक सखियां 13 विकासखंडों में घर-घर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। नकद जमा-निकासी, खाते से धन निकासी और अन्य बैंकिंग सेवाओं ने ग्रामीणों की मुश्किलें आसान कर दी हैं, वहीं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
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एनआरएलएम के तहत प्रत्येक बैंक सखी को 75 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 35 हजार रुपये बैंक में सुरक्षा में जमा किए जाते हैं, जबकि शेष राशि से बायोमीट्रिक डिवाइस सहित आवश्यक उपकरण खरीदे जाते हैं। इसी व्यवस्था के जरिये बैंक सखियां गांवों में डिजिटल बैंकिंग सेवाएं संचालित करती हैं।
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लोहरता की मानी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद बैंक सखी बनने का अवसर मिला। अब वह प्रतिदिन 35 से 40 हजार रुपये तक का लेनदेन करती हैं। अमेठी की संगीता व पूनम मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2022 में बैंक सखी बनने के बाद उनकी मासिक आय 20 से 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है। जगदीशपुर की नीतू लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते जिले की टॉप-10 बैंक सखियों में शामिल हैं। क्षेत्र के लोग उन्हें अब बैंक दीदी के नाम से जानते हैं।
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गांव में बैंकिंग सुविधा से राहत
बैंक सखियों की सेवाओं से ग्रामीणों को भी राहत मिली है। लोहरता की संगीता शुक्ला ने बताया कि पहले बैंकिंग कार्य के लिए 10 किमी दूर अमेठी जाना पड़ता था, जबकि अब गांव में ही सुविधा मिल जाती है। सियाराम ने कहा कि बाहर रहने वाला बेटा जब पैसे भेजता है तो बिना बैंक गए गांव में ही रकम मिल जाती है। वृद्ध रामसरन ने बताया कि पेंशन निकलवाने के लिए अब उन्हें बैंक जाने से निजात मिल गई है।



चार महीने में अरबों रुपये का लेनदेन
डीसी एनआरएलएम प्रवीण शुक्ल ने बताया कि मशीन में तकनीकी खराबी आने पर बैंक सखियां सीधे संबंधित कंपनी से संपर्क करती हैं और सामान्यतः एक-दो दिन में समस्या का समाधान हो जाता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल, मई, जून और जुलाई 2025 में बैंक सखियों के माध्यम से अरबों रुपये का लेनदेन हुआ। इस कारोबार पर बैंक सखियों को करीब 4.50 लाख रुपये का कमीशन मिला, जो ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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