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Amethi News: गबन की रकम के निवेश का ब्योरा जुटा रही सीबीआई
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:43 AM IST
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अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा विभाग में करीब छह करोड़ रुपये के कथित गबन की सीबीआई जांच अब धनराशि के निवेश और उपयोग की पड़ताल पर केंद्रित है। छापे के दौरान मिले दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धनराशि किन खातों में पहुंची, वहां से उसका उपयोग किस रूप में हुआ। राशि से कहीं चल या अचल संपत्तियां तो नहीं खरीदी गईं। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पूछताछ का दायरा बढ़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार जांच टीम बैंक खातों के लेनदेन, भुगतान संबंधी अभिलेख और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की क्रमवार जांच कर रही है। साथ ही धनराशि के प्रवाह की कड़ियां भी जोड़ी जा रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भुगतान के बाद रकम किन-किन खातों तक पहुंची। दस्तावेजी साक्ष्यों की पुष्टि होने पर जिन अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण मिलेगी, उनसे दोबारा पूछताछ की जा सकती है।
नए तथ्य सामने आने पर जांच का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश पर सीबीआई ने आठ जून को मामला दर्ज किया था। 17 जून को अमेठी, लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ और कुशीनगर के 14 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए थे। कार्रवाई के दौरान कथित गबन की राशि के निवेश और उपयोग से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। एजेंसी पहले ही कई संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज कर चुकी है। अब जब्त साक्ष्यों के परीक्षण और अभिलेखों के मिलान के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
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सूत्रों के अनुसार जांच टीम बैंक खातों के लेनदेन, भुगतान संबंधी अभिलेख और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की क्रमवार जांच कर रही है। साथ ही धनराशि के प्रवाह की कड़ियां भी जोड़ी जा रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भुगतान के बाद रकम किन-किन खातों तक पहुंची। दस्तावेजी साक्ष्यों की पुष्टि होने पर जिन अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण मिलेगी, उनसे दोबारा पूछताछ की जा सकती है।
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नए तथ्य सामने आने पर जांच का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश पर सीबीआई ने आठ जून को मामला दर्ज किया था। 17 जून को अमेठी, लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ और कुशीनगर के 14 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए थे। कार्रवाई के दौरान कथित गबन की राशि के निवेश और उपयोग से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। एजेंसी पहले ही कई संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज कर चुकी है। अब जब्त साक्ष्यों के परीक्षण और अभिलेखों के मिलान के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
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