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Amethi News: किन-किन खातों में गई रकम, पता लगाने में जुटी सीबीआई
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:24 AM IST
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अमेठी सिटी। छह करोड़ रुपये के कथित घोटाले में बुधवार को पांच जिलों में हुई सीबीआई की कार्रवाई के बाद जांच अब धनराशि के खातों में अंतरण पर केंद्रित हो गई है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी खाते से निकली रकम किन खातों तक पहुंची, वहां से आगे कहां गई और उसका उपयोग किस रूप में किया गया। जांच का फोकस अब कथित गबन की राशि के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचने पर है।
सूत्रों के अनुसार छापे के दौरान जुटाए गए बैंक दस्तावेज, संदिग्धों के बयान, बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल फोन और कंप्यूटर से मिले डिजिटल साक्ष्यों का मिलान पहले से उपलब्ध अभिलेखों से किया जा रहा है। विभागीय जांच और पुलिस विवेचना में जिन खातों का जिक्र सामने आया था, जांच एजेंसी की नजर फिलहाल उन्हीं पर है। कई खातों के बीच हुए लेनदेन की शृंखला तैयार कर धनराशि के पूरे रास्ते को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
सीबीआई यह भी पता लगा रही है कि रकम सीधे खातों में पहुंची या इसके लिए कई स्तरों का इस्तेमाल किया गया। जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि बैंक ट्रांजेक्शन की पूरी कड़ी स्पष्ट होने के बाद राशि के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचना आसान होगा। इसी कारण दस्तावेजों की पड़ताल और तकनीकी विश्लेषण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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बुधवार की कार्रवाई के दौरान अमेठी में कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई। हालांकि जांच एजेंसी ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। जिले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि छापे में जुटाए गए साक्ष्यों से आगे कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और जांच की दिशा किस ओर बढ़ती है।
मामले के तार केवल अमेठी तक सीमित नहीं हैं। इसी वजह से सीबीआई ने अमेठी के साथ अन्य जिलों में भी कार्रवाई की। जांच एजेंसी विभिन्न स्थानों से जुटाए गए दस्तावेजों, बैंक विवरणों और बयानों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट करने में जुटी है।
बैंक खातों से आगे संपत्तियों तक पहुंची जांच
सीबीआई केवल खातों में पहुंचे रुपये तक ही जांच सीमित नहीं रख रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि खातों में पहुंची राशि का इस्तेमाल कहां और किस रूप में किया गया। जांच के दौरान चल-अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज भी एजेंसी के रडार पर हैं।
सूत्रों के अनुसार छापे के दौरान जुटाए गए बैंक दस्तावेज, संदिग्धों के बयान, बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल फोन और कंप्यूटर से मिले डिजिटल साक्ष्यों का मिलान पहले से उपलब्ध अभिलेखों से किया जा रहा है। विभागीय जांच और पुलिस विवेचना में जिन खातों का जिक्र सामने आया था, जांच एजेंसी की नजर फिलहाल उन्हीं पर है। कई खातों के बीच हुए लेनदेन की शृंखला तैयार कर धनराशि के पूरे रास्ते को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
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सीबीआई यह भी पता लगा रही है कि रकम सीधे खातों में पहुंची या इसके लिए कई स्तरों का इस्तेमाल किया गया। जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि बैंक ट्रांजेक्शन की पूरी कड़ी स्पष्ट होने के बाद राशि के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचना आसान होगा। इसी कारण दस्तावेजों की पड़ताल और तकनीकी विश्लेषण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बुधवार की कार्रवाई के दौरान अमेठी में कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई। हालांकि जांच एजेंसी ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। जिले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि छापे में जुटाए गए साक्ष्यों से आगे कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और जांच की दिशा किस ओर बढ़ती है।
मामले के तार केवल अमेठी तक सीमित नहीं हैं। इसी वजह से सीबीआई ने अमेठी के साथ अन्य जिलों में भी कार्रवाई की। जांच एजेंसी विभिन्न स्थानों से जुटाए गए दस्तावेजों, बैंक विवरणों और बयानों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट करने में जुटी है।
बैंक खातों से आगे संपत्तियों तक पहुंची जांच
सीबीआई केवल खातों में पहुंचे रुपये तक ही जांच सीमित नहीं रख रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि खातों में पहुंची राशि का इस्तेमाल कहां और किस रूप में किया गया। जांच के दौरान चल-अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज भी एजेंसी के रडार पर हैं।