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Amethi News: परिषदीय स्कूलों में समय सारिणी से होगी पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 15 Apr 2026 12:40 AM IST
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अमेठी सिटी। जिले के 1570 परिषदीय विद्यालयों में अब पढ़ाई निर्धारित समय सारिणी के अनुसार कराई जाएगी। प्रधानाचार्य शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर टाइम टेबल तय करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और विद्यालयों में नियमितता सुनिश्चित करना है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था को निजी स्कूलों की तर्ज पर प्रभावी बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत विद्यालयों को स्मार्ट क्लास सहित अन्य सुविधाओं से लैस करते हुए शैक्षिक रोस्टर लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था में प्रत्येक विषय की कक्षा 40 मिनट की होगी, जबकि 30 मिनट का मध्यावकाश अनिवार्य रहेगा।
कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए सप्ताह में एक दिन डिजिटल कक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें खान अकादमी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे विद्यार्थियों की समझ और सीखने की क्षमता में सुधार होगा। विद्यालय समय के पहले 15 मिनट प्रार्थना सभा, योग और उपस्थिति के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा मध्याह्न भोजन के लिए भी 30 मिनट का समय तय किया गया है।।दैनिक और साप्ताहिक शिक्षण योजना लागू कर पाठ्यक्रम को समय से पूरा कराने पर जोर रहेगा। साथ ही विद्यालयों में उपलब्ध संदर्शिका, कार्यपुस्तिका और टीएलएम किटों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि नई समय सारिणी लागू होने से पढ़ाई में अनुशासन आएगा और शिक्षा स्तर में सुधार होगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से 11 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनका उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों को निजी स्कूलों की तर्ज पर बेहतर बनाना है।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था को निजी स्कूलों की तर्ज पर प्रभावी बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत विद्यालयों को स्मार्ट क्लास सहित अन्य सुविधाओं से लैस करते हुए शैक्षिक रोस्टर लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था में प्रत्येक विषय की कक्षा 40 मिनट की होगी, जबकि 30 मिनट का मध्यावकाश अनिवार्य रहेगा।
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कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए सप्ताह में एक दिन डिजिटल कक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें खान अकादमी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे विद्यार्थियों की समझ और सीखने की क्षमता में सुधार होगा। विद्यालय समय के पहले 15 मिनट प्रार्थना सभा, योग और उपस्थिति के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा मध्याह्न भोजन के लिए भी 30 मिनट का समय तय किया गया है।।दैनिक और साप्ताहिक शिक्षण योजना लागू कर पाठ्यक्रम को समय से पूरा कराने पर जोर रहेगा। साथ ही विद्यालयों में उपलब्ध संदर्शिका, कार्यपुस्तिका और टीएलएम किटों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि नई समय सारिणी लागू होने से पढ़ाई में अनुशासन आएगा और शिक्षा स्तर में सुधार होगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से 11 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनका उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों को निजी स्कूलों की तर्ज पर बेहतर बनाना है।
