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Amethi News: मनमानी से बाज नहीं आ रहे डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:27 AM IST
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ट्रॉमा सेंटर जगदीशपुर में शोहराब को सरकारी परचे पर लिखी गई बाहर की दवा। -संवाद
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अमेठी सिटी। अफसरों की सख्ती के बावजूद सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। जिला अस्पताल, जगदीशपुर ट्राॅमा सेंटर व सीएचसी में इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल के सीएमएस ने बाहरी दवाएं लिखने पर मनोरोग चिकित्सक के खिलाफ लिखापढ़ी की है।
जिला अस्पताल में शुक्रवार को मिलीं साहीदा ने बताया कि उन्होंने मनोरोग चिकित्सक को दिखाया है। सीटी स्कैन जांच कराने के बाद उन्होंने सरकारी परचे पर आगे व पीछे तीन-तीन दवाएं लिखी हैं। कहा कि तीन दवाएं तो अंदर से मिल गई, वहीं तीन दवाएं अंदर नहीं मिलीं। बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदने जा रही हूं।
वहीं एक तीमारदार ने बताया कि उनके बेटे शुभम की तबीयत खराब है। फिजिशियन को दिखाया तो उन्होंने चार दवाएं अंदर की लिखी हैं और एक दवा छोटी परची पर बाहर की लिखी है। मरीज मरीज रेनू ने बताया कि उनकी कई दिनों से तबीयत खराब चल रही है। चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने सरकारी परचे पर चार दवाएं बाहर की लिखी हैं।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मनोरोग चिकित्सक डॉ. प्रणव गौतम की ओर से सरकारी परचे पर बाहरी दवाएं लिखी मिलीं। बताया कि उनके विरुद्ध लिखा-पढ़ी की गई है। कहा कि अस्पताल में दवाएं पर्याप्त हैं, बाहरी दवा लिखने पर रोक हैं।
बाहर से खरीदनी पड़ी 430 रुपये की दवा
जगदीशपुर। सीएचसी स्थित ट्राॅमा सेंटर में मिले पूरे रजाबंद के मोहम्मद जुबेर ने बताया कि उनके सात वर्षीय बेटे शोहराब को रात में पेट दर्द, पल्टी, पेट दर्द की समस्या थी। बताया कि 430 रुपये की दवा बाहर निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी। मुबारकपुर के राम सुफल ने बताया कि बुखार संग उन्हें कमजोरी व अन्य समस्या है। चिकित्सक ने सरकारी परचे पर आगे अस्पताल के अंदर की दवाएं और पीछे परचे पर तीन दवाएं बाहर की लिखीं। पालपुर जगदीशपुर की हिना नाज ने बताया कि चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच लिखी थी। बाहर से करानी पड़ी। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि बाहरी दवा जांच लिखने पर रोक है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं है।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को मिलीं साहीदा ने बताया कि उन्होंने मनोरोग चिकित्सक को दिखाया है। सीटी स्कैन जांच कराने के बाद उन्होंने सरकारी परचे पर आगे व पीछे तीन-तीन दवाएं लिखी हैं। कहा कि तीन दवाएं तो अंदर से मिल गई, वहीं तीन दवाएं अंदर नहीं मिलीं। बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदने जा रही हूं।
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वहीं एक तीमारदार ने बताया कि उनके बेटे शुभम की तबीयत खराब है। फिजिशियन को दिखाया तो उन्होंने चार दवाएं अंदर की लिखी हैं और एक दवा छोटी परची पर बाहर की लिखी है। मरीज मरीज रेनू ने बताया कि उनकी कई दिनों से तबीयत खराब चल रही है। चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने सरकारी परचे पर चार दवाएं बाहर की लिखी हैं।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मनोरोग चिकित्सक डॉ. प्रणव गौतम की ओर से सरकारी परचे पर बाहरी दवाएं लिखी मिलीं। बताया कि उनके विरुद्ध लिखा-पढ़ी की गई है। कहा कि अस्पताल में दवाएं पर्याप्त हैं, बाहरी दवा लिखने पर रोक हैं।
बाहर से खरीदनी पड़ी 430 रुपये की दवा
जगदीशपुर। सीएचसी स्थित ट्राॅमा सेंटर में मिले पूरे रजाबंद के मोहम्मद जुबेर ने बताया कि उनके सात वर्षीय बेटे शोहराब को रात में पेट दर्द, पल्टी, पेट दर्द की समस्या थी। बताया कि 430 रुपये की दवा बाहर निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी। मुबारकपुर के राम सुफल ने बताया कि बुखार संग उन्हें कमजोरी व अन्य समस्या है। चिकित्सक ने सरकारी परचे पर आगे अस्पताल के अंदर की दवाएं और पीछे परचे पर तीन दवाएं बाहर की लिखीं। पालपुर जगदीशपुर की हिना नाज ने बताया कि चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच लिखी थी। बाहर से करानी पड़ी। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि बाहरी दवा जांच लिखने पर रोक है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं है।
