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Amethi News: डीसी ट्रेनिंग की भर्ती में बीएसए से मांगा स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:29 AM IST
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अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से डीसी ट्रेनिंग की भर्ती में धांधली किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि एक अपात्र फर्म को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कार्यादेश जारी किया गया। दिल्ली की फर्म की संचालक प्रिया ने मामले की शिकायत डीएम व सीडीओ से की है। प्रभारी सीडीओ वीरभानु सिंह ने बेसिक शिक्षाधिकारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रिया का आरोप है कि निविदा शर्तों पर सक्षम समिति के हस्ताक्षर नहीं थे, जो सामान्य वित्तीय नियमावली का उल्लंघन है। तकनीकी मूल्यांकन में सभी आवेदक फर्मों को अयोग्य घोषित किया गया। बाद में, अपात्र फर्मों को जानबूझकर वित्तीय बिड के लिए योग्य बताया गया। इस प्रक्रिया के बीच डेकोर इंडिया मल्टी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को कार्यादेश भी जारी कर दिया गया।
आरोप लगाया है कि उक्त फर्म निविदा की अर्हताओं को पूरा नहीं करती थी। फर्म का जीएसटी पंजीकरण 27 जुलाई 2023 का है, जबकि तीन वर्ष का अनुभव आवश्यक था। ब्लैकलिस्टिंग शपथ-पत्र मुन्नी देवी के नाम से क्रय किए गए स्टांप पेपर पर था, जो फर्म से संबंधित नहीं है। शिकायतकर्ता ने टर्नओवर प्रमाणपत्र में भी पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से भिन्नता बताते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया में दिशा-निर्देशों, सामान्य वित्तीय नियमावली और जीएसटी अधिनियम का उल्लंघन किया गया है।
आवेदक ने उठाए सवाल
जामों के पूरे बाल गोविंद तिवारी मजरे दखिनवारा गांव निवासी दुर्गेश तिवारी ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग में डीसी ट्रेनिंग पद के लिए आउटसोर्सिंग कंपनी का विज्ञापन हुआ। डेकोर इंडिया मल्टी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का चयन चहेते को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। पीड़ित ने डीएम से मामले की जांच कर प्रक्रिया रद्द करने का अनुरोध किया है।
भर्ती प्रक्रिया नियम संगत : बीएसए
बेसिक शिक्षाधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि एक फर्म के संचालक ने शिकायत की थी। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया था, लेकिन नहीं आए। बताया कि गठित समिति की निगरानी में चयन व भर्ती प्रक्रिया नियम संगत हुई है। सभी आरोप निराधार हैं।
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प्रिया का आरोप है कि निविदा शर्तों पर सक्षम समिति के हस्ताक्षर नहीं थे, जो सामान्य वित्तीय नियमावली का उल्लंघन है। तकनीकी मूल्यांकन में सभी आवेदक फर्मों को अयोग्य घोषित किया गया। बाद में, अपात्र फर्मों को जानबूझकर वित्तीय बिड के लिए योग्य बताया गया। इस प्रक्रिया के बीच डेकोर इंडिया मल्टी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को कार्यादेश भी जारी कर दिया गया।
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आरोप लगाया है कि उक्त फर्म निविदा की अर्हताओं को पूरा नहीं करती थी। फर्म का जीएसटी पंजीकरण 27 जुलाई 2023 का है, जबकि तीन वर्ष का अनुभव आवश्यक था। ब्लैकलिस्टिंग शपथ-पत्र मुन्नी देवी के नाम से क्रय किए गए स्टांप पेपर पर था, जो फर्म से संबंधित नहीं है। शिकायतकर्ता ने टर्नओवर प्रमाणपत्र में भी पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से भिन्नता बताते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया में दिशा-निर्देशों, सामान्य वित्तीय नियमावली और जीएसटी अधिनियम का उल्लंघन किया गया है।
आवेदक ने उठाए सवाल
जामों के पूरे बाल गोविंद तिवारी मजरे दखिनवारा गांव निवासी दुर्गेश तिवारी ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग में डीसी ट्रेनिंग पद के लिए आउटसोर्सिंग कंपनी का विज्ञापन हुआ। डेकोर इंडिया मल्टी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का चयन चहेते को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। पीड़ित ने डीएम से मामले की जांच कर प्रक्रिया रद्द करने का अनुरोध किया है।
भर्ती प्रक्रिया नियम संगत : बीएसए
बेसिक शिक्षाधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि एक फर्म के संचालक ने शिकायत की थी। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया था, लेकिन नहीं आए। बताया कि गठित समिति की निगरानी में चयन व भर्ती प्रक्रिया नियम संगत हुई है। सभी आरोप निराधार हैं।
