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Amethi News: शब-ए-बरात पर कब्रिस्तानों में की रोशनी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:29 AM IST
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कमरौली। शब-ए-बरात के मौके पर मंगलवार शाम सूरज ढलते ही मुस्लिम समाज के लोगों ने पूर्वजों की कब्रों की ओर रुख किया। लोगों ने कब्रों पर फूल चढ़ाए, अगरबत्ती व मोमबत्ती जलाकर रोशनी की और फातिहा पढ़कर मरहूमों की मगफिरत के लिए दुआएं मांगीं।
इस्लामी माह शाबान की 15वीं रात पर जगदीशपुर के घोड़े शहीद मरकजी कब्रिस्तान, कमरौली जामा मस्जिद के पास स्थित कर्बला कब्रिस्तान, कठौरा सहित अन्य कब्रिस्तानों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कब्र पर मोमबत्ती जलाने के बाद लोगों ने मस्जिदों व दरगाहों में भी जियारत की।
कई मस्जिदों में पूरी रात नमाज और दुआ का सिलसिला चलता रहा, जबकि कुछ लोग घोड़े शहीद दरगाह सहित अन्य दरगाहों पर जियारत के लिए जाते रहे। इससे पहले दिनभर घरों में शब-ए-बरात के मौके पर हलवा बनाने की परंपरा निभाई गई। महिलाओं ने चने की दाल, चावल, आटा, सूजी, रवा और मूंग आदि से तरह-तरह का हलवा तैयार किया।
बाजार में रही रौनक
शब-ए-बरात को लेकर बाजारों में भी रौनक रही। मोमबत्ती और अगरबत्ती की दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही। कठौरा स्थित उमर मस्जिद के इमाम मौलाना जामिन ने बताया कि शब-ए-बरात की रात इबादत और अगले दिन रोजा रखने की विशेष फजीलत है। शब-ए-बरात की रात इबादत के बाद मुस्लिम समाज के लोग बुधवार को रोजा रखेंगे।
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इस्लामी माह शाबान की 15वीं रात पर जगदीशपुर के घोड़े शहीद मरकजी कब्रिस्तान, कमरौली जामा मस्जिद के पास स्थित कर्बला कब्रिस्तान, कठौरा सहित अन्य कब्रिस्तानों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कब्र पर मोमबत्ती जलाने के बाद लोगों ने मस्जिदों व दरगाहों में भी जियारत की।
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कई मस्जिदों में पूरी रात नमाज और दुआ का सिलसिला चलता रहा, जबकि कुछ लोग घोड़े शहीद दरगाह सहित अन्य दरगाहों पर जियारत के लिए जाते रहे। इससे पहले दिनभर घरों में शब-ए-बरात के मौके पर हलवा बनाने की परंपरा निभाई गई। महिलाओं ने चने की दाल, चावल, आटा, सूजी, रवा और मूंग आदि से तरह-तरह का हलवा तैयार किया।
बाजार में रही रौनक
शब-ए-बरात को लेकर बाजारों में भी रौनक रही। मोमबत्ती और अगरबत्ती की दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही। कठौरा स्थित उमर मस्जिद के इमाम मौलाना जामिन ने बताया कि शब-ए-बरात की रात इबादत और अगले दिन रोजा रखने की विशेष फजीलत है। शब-ए-बरात की रात इबादत के बाद मुस्लिम समाज के लोग बुधवार को रोजा रखेंगे।
