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Amethi News: सीएचसी में डॉक्टरों व संसाधनों की कमी, मरीज परेशान

संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 09 Mar 2026 12:39 AM IST
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Lack of doctors and resources in CHC, patients are upset
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बाजारशुकुल। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप स्थित स्थानीय सीएचसी में चिकित्सकों, कर्मियों व संसाधनों के अभाव का दंश मरीजों को झेलना पड़ता है। स्थानीय मरीजों संग एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पाने से उन्हें रेफर करना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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यह सीएचसी अधिकतर मामलों में केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। गंभीर मरीजों व घटना में घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल या लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। गौरतलब हो कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। पुलिस और स्थानीय लोग घायलों को सीएचसी बाजारशुकुल पहुंचाते हैं।
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सीमित सुविधाओं के चलते डॉक्टर बेहतर इलाज के लिए मरीजों को बड़े अस्पतालों में भेजने को मजबूर होते हैं। इससे घायलों को समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाता। जिले के आखिरी छोर पर स्थित सीएचसी से सटी बाराबंकी व अयोध्या की सीमाएं भी हैं। तीनों जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं। मरीजों की अधिक संख्या के बावजूद अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का अभाव है।


मरीज देवीदयाल शर्मा, शुभम गुप्ता और विनोद मौर्य ने कहा कि अस्पताल में उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। अल्ट्रासाउंड, आपातकालीन उपचार और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी मरीजों के इलाज में बाधा बनती है।


प्रधान संघ के अध्यक्ष सतीश मिश्र, जगदीश पाल, रवींद्र सिंह आदि ने सीएमओ से विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुधीर वर्मा ने बताया कि चिकित्सकों, कर्मियों व संसाधनों की उपलब्धता के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।


सीएचसी में स्वीकृत पदों के सापेक्ष तैनाती

सीएचसी चिकित्साधिकारी के नौ पदों के सापेक्ष अधीक्षक सहित तीन चिकित्सकों की तैनाती है। वहीं हेल्थ सुपरवाइजर, वार्ड बॉय व स्वीपर के पांच-पांच पद के सापेक्ष मात्र एक-एक, एएनएम के 25 पद में से 25, सीएचओ के 25 पद के सापेक्ष मात्र 13 की तैनाती है। महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी व लिपिक के एक-एक पद के सापेक्ष सभी की तैनाती है। वहीं एक-एक पद के सापेक्ष एआरओ और काउंसलर की तैनाती नहीं है।

इंसेट
न महिला चिकित्सक न ही अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था
सीएचसी में महिला चिकित्सक व अल्ट्रासाउंड जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीजों को ट्राॅमा सेंटर, जिला अस्पताल का चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं गंभीर मरीजों को निजी सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड जांच करानी पड़ रही है।
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