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Amethi News: 5,500 रुपये के लिए दोस्तों ने की थी पवन की हत्या, मोबाइल ने खोला राज
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:18 AM IST
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गौरीगंज कोतवाली में पकड़े गए पवन कुमार सिंह के हत्यारोपी।
- फोटो : गौरीगंज कोतवाली में पकड़े गए पवन कुमार सिंह के हत्यारोपी।
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अमेठी सिटी। गौरीगंज के पूरे खिचरन मजरे जगदीशपुर गांव निवासी पवन कुमार सिंह की गुमशुदगी का रहस्य आखिर 15 माह बाद खुल गया। पवन की हत्या उसके ही करीबी दोस्तों ने 5,500 रुपये के विवाद में कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों की मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को वारदात का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया।
पिता श्याम कुमार सिंह के अनुसार, 16 अक्तूबर 2024 को रौजा गांव निवासी हंसराज यादव तीन साथियों के साथ उनके घर आया था। हंसराज के साथ पवन निकला था, जिसके बाद उसका पता नहीं चल सका। 20 नवंबर को गौरीगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। समय बीतता गया, मगर बेटे का पता नहीं चला। परिजन थाने और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाते रहे। सामाजिक संगठनों ने भी प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग उठाई। लगातार दबाव के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदली।
सीओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि अमेठी इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह ने सर्विलांस सेल के जरिये पूरे मामले की जांच की। जांच में मिले साक्ष्य के आधार पर पूरे सूबेदार मजरे मझवारा निवासी पवन कुमार यादव को हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसके बयान पर हंसराज यादव को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि घटना वाले दिन तीनों दिनभर साथ रहे। शाम को हंसराज ने पवन पर जेब से 5,500 रुपये निकाल लेने का आरोप लगाया। इसी बात पर कहासुनी शुरू हुई और गुस्से में उसने लोहे की पाइप से पवन के सिर पर वार कर दिया। पवन जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन हमलावर का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसके दोबारा प्रहार करने से पवन की मौत हो गई। हत्या के बाद शव को जामों स्थित जौनपुर रजबहा के मवई गांव के पास नहर में फेंक दिया गया। अगले दिन साथी की मदद से मृतक की बाइक और वारदात में प्रयुक्त पाइप छिपा दी गई। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर नहर पटरी से लोहे की पाइप और एक कमरे से बाइक और कपड़े बरामद कर लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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पिता श्याम कुमार सिंह के अनुसार, 16 अक्तूबर 2024 को रौजा गांव निवासी हंसराज यादव तीन साथियों के साथ उनके घर आया था। हंसराज के साथ पवन निकला था, जिसके बाद उसका पता नहीं चल सका। 20 नवंबर को गौरीगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। समय बीतता गया, मगर बेटे का पता नहीं चला। परिजन थाने और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाते रहे। सामाजिक संगठनों ने भी प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग उठाई। लगातार दबाव के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदली।
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सीओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि अमेठी इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह ने सर्विलांस सेल के जरिये पूरे मामले की जांच की। जांच में मिले साक्ष्य के आधार पर पूरे सूबेदार मजरे मझवारा निवासी पवन कुमार यादव को हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसके बयान पर हंसराज यादव को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि घटना वाले दिन तीनों दिनभर साथ रहे। शाम को हंसराज ने पवन पर जेब से 5,500 रुपये निकाल लेने का आरोप लगाया। इसी बात पर कहासुनी शुरू हुई और गुस्से में उसने लोहे की पाइप से पवन के सिर पर वार कर दिया। पवन जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन हमलावर का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसके दोबारा प्रहार करने से पवन की मौत हो गई। हत्या के बाद शव को जामों स्थित जौनपुर रजबहा के मवई गांव के पास नहर में फेंक दिया गया। अगले दिन साथी की मदद से मृतक की बाइक और वारदात में प्रयुक्त पाइप छिपा दी गई। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर नहर पटरी से लोहे की पाइप और एक कमरे से बाइक और कपड़े बरामद कर लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।